{"_id":"5b3bba804f1c1b92468b473b","slug":"141530641024-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपालों के आंदोलन में अटके पांच हजार से अधिक प्रमाण पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेखपालों के आंदोलन में अटके पांच हजार से अधिक प्रमाण पत्र
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:47 PM IST
विज्ञापन
डैमो
फिरोजाबाद/शिकोहाबाद/जसराना। सुहागनगरी में मंगलवार को जिले भर में लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया। लेखपालों की हड़ताल के कारण आय, मूल व जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। इससे स्कूलों में दाखिला लेने वाले, व्यवसायिक कोर्स करने वालों की मुश्किल बढ़ी हैं। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। हड़ताल के कारण पांच हजार से अधिक प्रमाण पत्र लंबित पडे़ हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले जिले में आठ सूत्री लंबित मांगों को लेकर लेखपाल आंदोलन की राह पर हैं। लेखपालों ने लंबित मांगों को लेकर 26 जून से ई-डिस्ट्रिक कार्य का बहिष्कार कर दिया, जिससे आय, मूल व जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। लेखपाल आंदोलन के कारण प्रशासनिक अफसर भी उन पर रिपोर्ट लगाने को दबाव नहीं डाल पा रहे हैं।
लेखपालों के ई-डिस्ट्रिक कार्य का बहिष्कार किए जाने के कारण तहसीलों में हजारों प्रमाण पत्र लंबित हैं। सदर तहसील में ही 4500 से अधिक आय, मूल व जाति प्रमाण पत्र लंबित हैं। इसमें सबसे अधिक 2297 आवेदन जाति प्रमाण पत्र हैं। 1397 आवेदन आय प्रमाण और 850 से अधिक मूल निवास के आवेदन लंबित हैं।
विज्ञापन
लेखपाल संघ अध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में लेखपालों से सुबह कार्य का पूर्ण बहिष्कार करते हुए धरने पर बैठ गए। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द हमारी मांगें नहीं मानी तो नौ जुलाई से जिला मुख्यालय पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। धरने में ब्रजेश राठौर, पवन कुमार राजकुमार, नेपाल सिंह बघेल, संजय सिंह, रामस्वरूप, राधेश्याम, महाराज सिंह, प्रियंका, प्रीती, शोभा, विनय कुमार, अजीत कुमार मौजूद रहे।
शिकोहाबाद में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील के लेखपालों ने कार्य बहिष्कार करते हुए परिसर में ही धरना प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता चंद्रभान सिंह ने और संचालन मंत्री अवनेंद्र प्रताप सिंह ने किया। वक्ताओं ने चेतावनी दी अगर नौ जुलाई तक मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जागा।
इसके बाद सभी लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार देवेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में राम कुमार, रफीउद्दीन, विजेंद्र सिंह सोनी, विनय कुमार आदि मौजूद रहे।
कार्य बहिष्कार कर दिया धरना
जसराना। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग के साथ अन्य 50 से अधिक विभागों का भी कार्य करते हैं लेकिन उन्हें वेतन केवल लेखपाल संवर्ग का ही दिया जाता है। प्रदर्शन में नीपकमल, शिवांश मोहन मिश्रा, उदयवीर सिंह, अविनाश सिंह मौजूद रहे।
यह हैं मांगें
- वेतन उच्चीकरण कर प्रारंभिक ग्रेड पे 2800 रुपये किया जाए
- वेतन व एसीपी की विसंगतियां दूर की जाएं
- 2005 में नियुक्त लेखपालों की पुरानी पेंशन बहाली की जाए
- वेतन भत्ता, मोटर साइकिल व स्टेशनरी भत्ता में वृद्धि की जाए
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले जिले में आठ सूत्री लंबित मांगों को लेकर लेखपाल आंदोलन की राह पर हैं। लेखपालों ने लंबित मांगों को लेकर 26 जून से ई-डिस्ट्रिक कार्य का बहिष्कार कर दिया, जिससे आय, मूल व जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। लेखपाल आंदोलन के कारण प्रशासनिक अफसर भी उन पर रिपोर्ट लगाने को दबाव नहीं डाल पा रहे हैं।
विज्ञापन
लेखपालों के ई-डिस्ट्रिक कार्य का बहिष्कार किए जाने के कारण तहसीलों में हजारों प्रमाण पत्र लंबित हैं। सदर तहसील में ही 4500 से अधिक आय, मूल व जाति प्रमाण पत्र लंबित हैं। इसमें सबसे अधिक 2297 आवेदन जाति प्रमाण पत्र हैं। 1397 आवेदन आय प्रमाण और 850 से अधिक मूल निवास के आवेदन लंबित हैं।
विज्ञापन
लेखपाल संघ अध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में लेखपालों से सुबह कार्य का पूर्ण बहिष्कार करते हुए धरने पर बैठ गए। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द हमारी मांगें नहीं मानी तो नौ जुलाई से जिला मुख्यालय पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। धरने में ब्रजेश राठौर, पवन कुमार राजकुमार, नेपाल सिंह बघेल, संजय सिंह, रामस्वरूप, राधेश्याम, महाराज सिंह, प्रियंका, प्रीती, शोभा, विनय कुमार, अजीत कुमार मौजूद रहे।
शिकोहाबाद में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील के लेखपालों ने कार्य बहिष्कार करते हुए परिसर में ही धरना प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता चंद्रभान सिंह ने और संचालन मंत्री अवनेंद्र प्रताप सिंह ने किया। वक्ताओं ने चेतावनी दी अगर नौ जुलाई तक मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जागा।
इसके बाद सभी लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार देवेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में राम कुमार, रफीउद्दीन, विजेंद्र सिंह सोनी, विनय कुमार आदि मौजूद रहे।
कार्य बहिष्कार कर दिया धरना
जसराना। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग के साथ अन्य 50 से अधिक विभागों का भी कार्य करते हैं लेकिन उन्हें वेतन केवल लेखपाल संवर्ग का ही दिया जाता है। प्रदर्शन में नीपकमल, शिवांश मोहन मिश्रा, उदयवीर सिंह, अविनाश सिंह मौजूद रहे।
यह हैं मांगें
- वेतन उच्चीकरण कर प्रारंभिक ग्रेड पे 2800 रुपये किया जाए
- वेतन व एसीपी की विसंगतियां दूर की जाएं
- 2005 में नियुक्त लेखपालों की पुरानी पेंशन बहाली की जाए
- वेतन भत्ता, मोटर साइकिल व स्टेशनरी भत्ता में वृद्धि की जाए