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अलग-अलग बैरकों में रखे गए हैं हिंसा और हत्या के आरोपी
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:42 PM IST
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माहौल खराब करने की कोशिश हुई नाकाम
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
सांप्रदायिक हिंसा के बाद जहां जिले भर में कड़ी सुरक्षा और सतर्कता का इंतजाम है। वहीं जिला जेल में भी प्रशासन ने हिंसा के आरोपी सभी कैदियों को उनके पक्षों के हिसाब से अलग-अलग बैरकों में रखा है। जेल के अंदर कैदी आपस में न भिड़े इसके चलते अतिरिक्त सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं।
जिला जेल में अब तक 52 आरोपी पहुंचे हैं। जिन्हें अलग-अलग हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। जिला जेल में एक कैदी के साथ मारपीट करने की उसके परिवार ने जिला प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद जिला प्रशासन और जेल प्रशासन दोनों ही बेहद सतर्क हो गए। आरोपियों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए जेल प्रशासन लगातार अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध किए हुए है। इससे जेल के अंदर कैदियों के बीच भिड़ंत न हो सके। आम तौर पर जेल प्रशासन जेल में बंद कैदियों को रसोई, बगीचा आदि के कार्यों की ड्यूटी लगा देता है, लेकिन कैदियों की अतिरिक्त सुरक्षा के कारण अभी तक हिंसा के किसी भी कैदी को काम पर नहीं लगाया गया है। जेल में दोनों ही पक्ष के कैदियों के बैरक भी अलग-अलग दिशा में हैं। इससे यह कैदी एक दूसरे के पास न पहुंच पाएं। जेल में सुरक्षा व्यवस्था किसी तरह से प्रभावित न हो इसको लेकर जेल प्रशासन की चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
- हिंसा के सभी कैदियों को अलग अलग बैरकों में रखा गया है। जिससे किसी भी तरह से हिंसा के कैदियों का आमना सामना न हो। हिंसा के कैदियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसी बिंदु को ध्यान में रखते हुए अभी किसी को काम पर नहीं लगाया गया है। राजीव कुमार, जेलर
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सांप्रदायिक हिंसा के बाद जहां जिले भर में कड़ी सुरक्षा और सतर्कता का इंतजाम है। वहीं जिला जेल में भी प्रशासन ने हिंसा के आरोपी सभी कैदियों को उनके पक्षों के हिसाब से अलग-अलग बैरकों में रखा है। जेल के अंदर कैदी आपस में न भिड़े इसके चलते अतिरिक्त सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं।
जिला जेल में अब तक 52 आरोपी पहुंचे हैं। जिन्हें अलग-अलग हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। जिला जेल में एक कैदी के साथ मारपीट करने की उसके परिवार ने जिला प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद जिला प्रशासन और जेल प्रशासन दोनों ही बेहद सतर्क हो गए। आरोपियों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए जेल प्रशासन लगातार अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध किए हुए है। इससे जेल के अंदर कैदियों के बीच भिड़ंत न हो सके। आम तौर पर जेल प्रशासन जेल में बंद कैदियों को रसोई, बगीचा आदि के कार्यों की ड्यूटी लगा देता है, लेकिन कैदियों की अतिरिक्त सुरक्षा के कारण अभी तक हिंसा के किसी भी कैदी को काम पर नहीं लगाया गया है। जेल में दोनों ही पक्ष के कैदियों के बैरक भी अलग-अलग दिशा में हैं। इससे यह कैदी एक दूसरे के पास न पहुंच पाएं। जेल में सुरक्षा व्यवस्था किसी तरह से प्रभावित न हो इसको लेकर जेल प्रशासन की चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
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- हिंसा के सभी कैदियों को अलग अलग बैरकों में रखा गया है। जिससे किसी भी तरह से हिंसा के कैदियों का आमना सामना न हो। हिंसा के कैदियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसी बिंदु को ध्यान में रखते हुए अभी किसी को काम पर नहीं लगाया गया है। राजीव कुमार, जेलर
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