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जागे नगर निगम के अधिकारी
Updated Thu, 10 Aug 2017 09:43 PM IST
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आगरा। शहर में चल रही मैला ढोने की कुुप्रथा का खुलासा होने के बाद नगर निगम के अधिकारियों की नींद खुल गई है। गुरुवार को पर्र्यावरण अभियंता और उनकी टीम ने सैयद पाड़ा सहित शहर की कई मलिन बस्तियों और पुराने मोहल्लों को निरीक्षण किया।
पर्यावरण अभियंता ने बताया कि शहर कुछ ऐसे इलाके हैं जहां अभी तक सीवर लाइन डाली गई है। इसके संबंध में जल निगम को पत्र लिखा जा रहा है। जल निगम को शहर में अभी करीब 30,000 सीवर कनेक्शन करने हैं। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है जिसके तहत उन मोहल्लों को भी जोड़ा जा सके जहां अभी तक सीवर कनेक्शन नहीं हुए।
जिन इलाकों में सीवर लाइन नहीं हैं उनका एक क्लस्टर बनाकर सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसको मुख्य लाइन से कनेक्ट किया जाएगा। संजीव प्रधान ने बताया कि यह ऐसे इलाके हैं, जिनको किसी भी योजना में टेकअप नहीं किया गया है।
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अब दो योजनाएं चल रही हैं जिनमें एक योजना के तहत सीवर लाइन बिछाई जा रही है और दूसरी योजना के तहत निजी शौचालय का निर्माण का कार्य किया जा रहा है। कोशिश होगी कि दोनों योजनाओं के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर टायलेट्स को सीवर लाइन से जोड़ा जा सके।
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पर्यावरण अभियंता ने बताया कि शहर कुछ ऐसे इलाके हैं जहां अभी तक सीवर लाइन डाली गई है। इसके संबंध में जल निगम को पत्र लिखा जा रहा है। जल निगम को शहर में अभी करीब 30,000 सीवर कनेक्शन करने हैं। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है जिसके तहत उन मोहल्लों को भी जोड़ा जा सके जहां अभी तक सीवर कनेक्शन नहीं हुए।
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जिन इलाकों में सीवर लाइन नहीं हैं उनका एक क्लस्टर बनाकर सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसको मुख्य लाइन से कनेक्ट किया जाएगा। संजीव प्रधान ने बताया कि यह ऐसे इलाके हैं, जिनको किसी भी योजना में टेकअप नहीं किया गया है।
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अब दो योजनाएं चल रही हैं जिनमें एक योजना के तहत सीवर लाइन बिछाई जा रही है और दूसरी योजना के तहत निजी शौचालय का निर्माण का कार्य किया जा रहा है। कोशिश होगी कि दोनों योजनाओं के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर टायलेट्स को सीवर लाइन से जोड़ा जा सके।