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धरती पर भ्रमण के लिए आएंगी धन लक्ष्मी
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:12 PM IST
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एटा। धन की देवी लक्ष्मी दीपावली से पहले धरती पर भ्रमण के लिए आएंगीं। वहीं 16 कलाओं से परिपूर्ण चंद्रमा अमृत की वर्षा करेगा। बुधवार को शरद पूर्णिमा पर्व मनाए जाने के लिए लोगों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। ज्योतिष के लिहाज से शरद पूर्णिमा को शुभ बताया जा रहा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण उपाध्याय ने बताया कि शरद पूर्णिमा तिथि बुधवार को रहेगी। पूर्णिमा का व्रत रात्रिकालीन होता है। इस दिन स्नान दान किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त रहता है। शरद पूर्णिमा के दिन महालक्ष्मी धरती पर भ्रमण के लिए आती हैं। घर की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं उनकी पूजा-अर्चना करती हैं। महालक्ष्मी को खीर के हवन से प्रसन्न किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात आसमान से अमृत वर्षा होती है।
इसलिए लोग अपने घरों की छतों पर खीर बनाकर रखते हैं। चंद्रमा को अघ्र्य देकर पूर्णिमा की रात नौ से बारह बजे तक खीर को खुले आसमान के नीचे छन्नी या जालीदार कपड़े से ढक कर रखना चाहिए ताकि बर्तन में चांदनी का प्रवेश हो सके। पंडित अरुण उपाध्याय का कहना है कि इसके बाद इस खीर का सेवन करना चाहिए, यह खीर आरोग्यदायक होती है।
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ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन का कारक होता है। चंद्रमा का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। शरद पूर्णिमा के दिन राशि अनुसार उपाय करने से चंद्र संबंधी दोष दूर होते हैं और बिगड़े काम बनने की संभावना बढ़ती है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण उपाध्याय ने बताया कि शरद पूर्णिमा तिथि बुधवार को रहेगी। पूर्णिमा का व्रत रात्रिकालीन होता है। इस दिन स्नान दान किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त रहता है। शरद पूर्णिमा के दिन महालक्ष्मी धरती पर भ्रमण के लिए आती हैं। घर की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं उनकी पूजा-अर्चना करती हैं। महालक्ष्मी को खीर के हवन से प्रसन्न किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात आसमान से अमृत वर्षा होती है।
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इसलिए लोग अपने घरों की छतों पर खीर बनाकर रखते हैं। चंद्रमा को अघ्र्य देकर पूर्णिमा की रात नौ से बारह बजे तक खीर को खुले आसमान के नीचे छन्नी या जालीदार कपड़े से ढक कर रखना चाहिए ताकि बर्तन में चांदनी का प्रवेश हो सके। पंडित अरुण उपाध्याय का कहना है कि इसके बाद इस खीर का सेवन करना चाहिए, यह खीर आरोग्यदायक होती है।
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ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन का कारक होता है। चंद्रमा का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। शरद पूर्णिमा के दिन राशि अनुसार उपाय करने से चंद्र संबंधी दोष दूर होते हैं और बिगड़े काम बनने की संभावना बढ़ती है।