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विवेचना में फेरबदल कर धारा हटाने पर कोर्ट नाराज
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:28 PM IST
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एनजीटी में हाोनी है सुनवाई।
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एटा। सिर में गंभीर चोट पहुंचाने वाले मामले में मिरहची थाने के विवेचक ने विधिक धारा को हटाकर दूसरी कमजोर धारा में मुकद्दमा तरमीन कर दिया। इसकी जानकारी होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एसएसपी को दोषी दरोगा और सीओ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है।
थाना मिरहची क्षेत्र निवासी लाखन सिंह ने सात नवंबर 2017 थाना मिरहची में पशु बांधने को लेकर भाई भूदेव की लाठी डंडा और कुल्हाड़ी से मारपीट कर उसे गंभीर घायल कर देने की रिपोर्ट गांव के ही खेतपाल आदि के दर्ज कराई थी। उस समय पुलिस ने मामले की रिपोर्ट 323, 308 की धारा में दर्ज की थी। इसके बाद मामले की विवेचना करने वाले एसआई भगवान सिंह ने धारा 308 को हटाकर उसकी जगह मामूली धारा 324 में मामले को तरमीन कर दिया। इतना ही उन्हीं कागजातों को कोर्ट में भी दाखिल कर दिया।
जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह ने सुनवाई के दौरान गलत ठहराए। एसआई के धाराओं में छेड़छाड़ करने को लेकर आरोपी जल्द ही जेल से रिहाई भी हो गई। ऐसे में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विवेचना करने वाले एसआई और क्षेत्राधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसएसपी को पत्र भेजा है। बता दें कि पिछले दिनाें न्यायालय में क्षेत्राधिकारी गुरुमीत सिंह को कोर्ट में बुलाकर मामले की विवेचना में हुई छेड़छाड़ से अवगत करा दिया था। इसके बाद भी विवेचना विधिक तरीके से नहीं की गई थी।
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थाना मिरहची क्षेत्र निवासी लाखन सिंह ने सात नवंबर 2017 थाना मिरहची में पशु बांधने को लेकर भाई भूदेव की लाठी डंडा और कुल्हाड़ी से मारपीट कर उसे गंभीर घायल कर देने की रिपोर्ट गांव के ही खेतपाल आदि के दर्ज कराई थी। उस समय पुलिस ने मामले की रिपोर्ट 323, 308 की धारा में दर्ज की थी। इसके बाद मामले की विवेचना करने वाले एसआई भगवान सिंह ने धारा 308 को हटाकर उसकी जगह मामूली धारा 324 में मामले को तरमीन कर दिया। इतना ही उन्हीं कागजातों को कोर्ट में भी दाखिल कर दिया।
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जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह ने सुनवाई के दौरान गलत ठहराए। एसआई के धाराओं में छेड़छाड़ करने को लेकर आरोपी जल्द ही जेल से रिहाई भी हो गई। ऐसे में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विवेचना करने वाले एसआई और क्षेत्राधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसएसपी को पत्र भेजा है। बता दें कि पिछले दिनाें न्यायालय में क्षेत्राधिकारी गुरुमीत सिंह को कोर्ट में बुलाकर मामले की विवेचना में हुई छेड़छाड़ से अवगत करा दिया था। इसके बाद भी विवेचना विधिक तरीके से नहीं की गई थी।
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