{"_id":"599726fe4f1c1bab778b4696","slug":"131503078142-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा का जलस्तर गिरा, निचले इलाकों में अभी भी पानी भरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा का जलस्तर गिरा, निचले इलाकों में अभी भी पानी भरा
Updated Fri, 18 Aug 2017 11:15 PM IST
विज्ञापन
ganga
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। एक पखवाड़े के बाद मीडियम फ्लड से जूझ रहे गंगा के तटवर्ती इलाकों को अब राहत मिली है। गंगा का जलस्तर उतरते ही गांव और खेतों में भरा पानी गंगा की ओर लौटने लगा है। लेकिन प्रभावित इलाकों में गड्ढे और निचले इलाकों में अभी जलभराव के हालात हैं। इस बाढ़ में किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद हो गईं। अभी तक प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में क्षति का आंकलन नहीं कराया है। जिससे किसान मायूस और चिंतित हैं।
गौरतलब है कि गंगा में एक पखवाड़े से मीडियम फ्लड के हालात बने हुए थे। करीब दो दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित थे। इन गांव में बाढ़ का पानी काफी भरा हुआ था। धरमपुर-शहवाजपुर मार्ग भी कट गया था। हालांकि ईख की फसलों के लिए तो बाढ़ का पानी फायदेमंद साबित हुआ, लेकिन मक्का-बाजरा की फसलों के लिए यह पानी नुकसानदायक रहा। बमनपुरा, नगलाढाव, अजीतनगर, रफादपुर, किलौनी, किसौल, फौजीनगला, कंचनपुर, शहवाजपुर सहित आस पास के अन्य गांव बाढ़ की चपेट में रहे जहां फसलों को क्षति हुई।
बमनपुरा के किसान महेंद्र, धीर सिंह, नन्नू ने बताया कि मक्का-बाजरा की काफी फसलें खराब हो गई हैं। अभी फसलों की क्षति का तहसील ने कोई आकलन नहीं कराया है। जगह जगह पानी अभी भी भरा हुआ है।
विज्ञापन
गंगा का जलस्तर काफी कम हो गया है। अब केवल साधारण बाढ़ के स्तर का पानी का डिस्चार्ज है। कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर 163.15 मीटर के निशान पर है। उन्होंने बताया कि अब यह पानी लगातार कम होगा।
- एके सिंह, बाढ़ नियंत्रण प्रभारी
प्रभावित फसलों का शीघ्र आकलन कराया जाएगा। जिसका जितना नुकसान हुआ है उसे नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
- जैनेंद्र सिंह, पटियाली एसडीएम
विज्ञापन
गौरतलब है कि गंगा में एक पखवाड़े से मीडियम फ्लड के हालात बने हुए थे। करीब दो दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित थे। इन गांव में बाढ़ का पानी काफी भरा हुआ था। धरमपुर-शहवाजपुर मार्ग भी कट गया था। हालांकि ईख की फसलों के लिए तो बाढ़ का पानी फायदेमंद साबित हुआ, लेकिन मक्का-बाजरा की फसलों के लिए यह पानी नुकसानदायक रहा। बमनपुरा, नगलाढाव, अजीतनगर, रफादपुर, किलौनी, किसौल, फौजीनगला, कंचनपुर, शहवाजपुर सहित आस पास के अन्य गांव बाढ़ की चपेट में रहे जहां फसलों को क्षति हुई।
विज्ञापन
बमनपुरा के किसान महेंद्र, धीर सिंह, नन्नू ने बताया कि मक्का-बाजरा की काफी फसलें खराब हो गई हैं। अभी फसलों की क्षति का तहसील ने कोई आकलन नहीं कराया है। जगह जगह पानी अभी भी भरा हुआ है।
विज्ञापन
गंगा का जलस्तर काफी कम हो गया है। अब केवल साधारण बाढ़ के स्तर का पानी का डिस्चार्ज है। कछला ब्रिज पर गंगा का जलस्तर 163.15 मीटर के निशान पर है। उन्होंने बताया कि अब यह पानी लगातार कम होगा।
- एके सिंह, बाढ़ नियंत्रण प्रभारी
प्रभावित फसलों का शीघ्र आकलन कराया जाएगा। जिसका जितना नुकसान हुआ है उसे नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
- जैनेंद्र सिंह, पटियाली एसडीएम