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खुले आसमान के नीचे क, ख, ग पढ़ रहे बच्चे
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:34 PM IST
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आसमान के नीचे पढ़ रहे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बेवर (मैनपुरी)। विकास खंड बेवर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला खोखन की इमारत पिछले एक वर्ष से ध्वस्त पड़ी है। स्कूली बच्चे बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। तैनात अध्यापक कई बार इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दे चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
जूनियर हाईस्कूल नगला खोखन में कुल 28 बच्चे पंजीकृत हैं। 35 वर्षों से बनी स्कूली इमारत पिछले वर्ष चार अगस्त 2016 को यकायक ढह गई। उस समय जब स्कूली बच्चे नित्य होने वाली सुबह की प्रार्थना कर रहे थे। इसके चलते बड़ा हादसा होने से बच गया था। बचे हुए भवन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हैं। बरसात या गर्मी में बच्चों को खुले मैदान में जमीन पर खड़ी घास में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। साथ ही विद्यालय में बाउंड्रीवाल न होने से आवारा जानवर बरामदे तथा परिसर में गंदगी करते हैं।
विद्यालय प्रधानाध्यापक शिव सिंह ने बताया कि इसके लिए कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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जूनियर हाईस्कूल नगला खोखन में कुल 28 बच्चे पंजीकृत हैं। 35 वर्षों से बनी स्कूली इमारत पिछले वर्ष चार अगस्त 2016 को यकायक ढह गई। उस समय जब स्कूली बच्चे नित्य होने वाली सुबह की प्रार्थना कर रहे थे। इसके चलते बड़ा हादसा होने से बच गया था। बचे हुए भवन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हैं। बरसात या गर्मी में बच्चों को खुले मैदान में जमीन पर खड़ी घास में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। साथ ही विद्यालय में बाउंड्रीवाल न होने से आवारा जानवर बरामदे तथा परिसर में गंदगी करते हैं।
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विद्यालय प्रधानाध्यापक शिव सिंह ने बताया कि इसके लिए कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।