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जांच में फंस सकते हैं जिला अस्पताल के सीएमएस
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:19 PM IST
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डेमो पिक
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। जिला अस्पताल के सीएमएस एक बार फिर रोगी की मौत की जांच में फंस सकते हैं। अनुसचिव जेएल यादव ने एडी चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आगरा मंडल से दोबारा जांच कर जांच आख्या मांगी है।
जिला अस्पताल में तैनात सीएमएस डा. एके उपाध्याय इससे पूर्व 2009 में जिला अस्पताल एटा में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर तैनात थे। इसी दौरान 18 फरवरी 2009 में एक रोगी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस पर परिवारीजनों ने तत्कालीन वरिष्ठ परामर्शदाता डा. एके उपाध्याय को मौत का जिम्मेदार मानते हुए शिकायत की थी। इसकी जांच करने के लिए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आगरा मंडल को जांच अधिकारी बनाया गया था।
एडी स्वास्थ्य ने अपनी जांच अनुसचिव के सामने प्रस्तुत भी की थी। इसके बाद अनुसचिव जेएल यादव ने दोबारा एडी स्वास्थ्य को पत्र भेजा कि जांच आख्या स्पष्ट नहीं है। इसमें पता ही नहीं चल रहा है कि कौन जिम्मेदार या दोषी है जिसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके चलते 18 से 22 फरवरी 2009 यानी चार दिन यदि मरीज को देख लिया होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। इसके चलते चार दिन की स्थिति स्पष्ट कर जांच शासन को उपलब्ध कराई जाए।
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जिला अस्पताल में तैनात सीएमएस डा. एके उपाध्याय इससे पूर्व 2009 में जिला अस्पताल एटा में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर तैनात थे। इसी दौरान 18 फरवरी 2009 में एक रोगी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस पर परिवारीजनों ने तत्कालीन वरिष्ठ परामर्शदाता डा. एके उपाध्याय को मौत का जिम्मेदार मानते हुए शिकायत की थी। इसकी जांच करने के लिए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आगरा मंडल को जांच अधिकारी बनाया गया था।
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एडी स्वास्थ्य ने अपनी जांच अनुसचिव के सामने प्रस्तुत भी की थी। इसके बाद अनुसचिव जेएल यादव ने दोबारा एडी स्वास्थ्य को पत्र भेजा कि जांच आख्या स्पष्ट नहीं है। इसमें पता ही नहीं चल रहा है कि कौन जिम्मेदार या दोषी है जिसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके चलते 18 से 22 फरवरी 2009 यानी चार दिन यदि मरीज को देख लिया होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। इसके चलते चार दिन की स्थिति स्पष्ट कर जांच शासन को उपलब्ध कराई जाए।
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