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हरियाली पर अब नहीं चलेगी आरी
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:21 PM IST
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पेड़ पर युवक
- फोटो : SELF
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मैनपुरी। करहल क्षेत्र में एनएच2 पर मीठेपुर गांव के समीप करीब एक किलो मीटर के क्षेत्र में अब हरे पेड़ों पर आरी नहीं चलेगी। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में मार्ग पर खुदरा दुकान के निर्माण कार्य के लिए संरक्षित वन क्षेत्र को नुकसान न पहुंचाए जाने के निर्देश दिए। उक्त आदेश के बाद करीब एक सैकड़ा से अधिक पेड़ कटने से बचेंगे।
करहल से होकर गुजर रहे एनएच2 निर्माण के साथ ही जहां दिल्ली से लखनऊ की यात्रा जनता के लिए सुगम हुई है। वहीं वन संपदा को निर्माण कार्य के चलते काफी नुकसान हुआ है। पर्यावरण और वन मंत्रालय की ओर से पत्र जारी कर करहल क्षेत्र के गांव मीठेपुर पर करीब एक किलो मीटर क्षेत्र में खुदरा दुकान निर्माण कार्य के दौरान वन संपदा को नुकसान न पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
विशेष सचिव शासन आशीष तिवारी ने पत्र में कहा है कि खुदरा दुकान के निर्माण कार्य के दौरान मार्ग में पड़ने वाले पेड़ों का कटान नहीं किया जाएगा। शासनादेश में साफ कहा गया है कि मार्ग पर 0.0248751 हेक्टेयर के क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुंचाए बिना कोई भी निर्माण कार्य किया जाएगा। प्रस्तावक एजेंसी की ही क्षतिपूर्ति की एवज में मार्ग व दुकान के बाहर पौधे लगाए जाएंगे।
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फलोरा वनस्पति व फाना जीव का संरक्षण
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से जारी किए शासनादेश में कहा गया है। कि एनएच 2 पर निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्था ध्यान रखे की फलोरा वनस्पति और फाना वन्य जीव को नुकसान न पहुंचने पाए। यदि ऐसा होता है कि इसकी जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होगी।
प्रभागीय निदेशक सामयिक वानिकी सिद्धार्थ अंबेडकर का कहना है कि शासन की ओर से जो भी निर्देश दिए जाएंगे उसके मुताबिक ही कार्य कराया जाएगा। शासनादेश के लिखित आदेश मिलते ही अमल शुरू कर दिया जाएगा।
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करहल से होकर गुजर रहे एनएच2 निर्माण के साथ ही जहां दिल्ली से लखनऊ की यात्रा जनता के लिए सुगम हुई है। वहीं वन संपदा को निर्माण कार्य के चलते काफी नुकसान हुआ है। पर्यावरण और वन मंत्रालय की ओर से पत्र जारी कर करहल क्षेत्र के गांव मीठेपुर पर करीब एक किलो मीटर क्षेत्र में खुदरा दुकान निर्माण कार्य के दौरान वन संपदा को नुकसान न पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
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विशेष सचिव शासन आशीष तिवारी ने पत्र में कहा है कि खुदरा दुकान के निर्माण कार्य के दौरान मार्ग में पड़ने वाले पेड़ों का कटान नहीं किया जाएगा। शासनादेश में साफ कहा गया है कि मार्ग पर 0.0248751 हेक्टेयर के क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुंचाए बिना कोई भी निर्माण कार्य किया जाएगा। प्रस्तावक एजेंसी की ही क्षतिपूर्ति की एवज में मार्ग व दुकान के बाहर पौधे लगाए जाएंगे।
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फलोरा वनस्पति व फाना जीव का संरक्षण
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से जारी किए शासनादेश में कहा गया है। कि एनएच 2 पर निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्था ध्यान रखे की फलोरा वनस्पति और फाना वन्य जीव को नुकसान न पहुंचने पाए। यदि ऐसा होता है कि इसकी जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होगी।
प्रभागीय निदेशक सामयिक वानिकी सिद्धार्थ अंबेडकर का कहना है कि शासन की ओर से जो भी निर्देश दिए जाएंगे उसके मुताबिक ही कार्य कराया जाएगा। शासनादेश के लिखित आदेश मिलते ही अमल शुरू कर दिया जाएगा।