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पशु चिकित्सकों ने दी चेतावनी, सीवीओ पर कार्रवाई नहीं की तो करेंगे हड़ताल
Updated Fri, 07 Dec 2018 11:03 PM IST
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कासगंज।
पशु चिकित्सा विभाग में चिकित्सकों के बीच पाले खिंच गए हैं। सीवीओ के खिलाफ लामबंदी तेज हो गई है। दूसरी ओर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने नोडल अधिकारी के निर्देशों के क्रम में गई पहलुओं पर जांच शुरू की है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. राजेंद्र सिंह खोखर के खिलाफ अधीनस्थ चिकित्साधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करा दिया है। उसके बाद अब दोनों पक्षों से अलग-अलग दावे पेश किए जा रहे हैं। सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्साधिकारी) ने नोडल अधिकारी के निर्देशों का हवाला देते हुए वित्तीय अनियमितता और पशु चिकित्सा विभाग की जांच शुरू की है जिसमें कुछ चिकित्सकों पर कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा अधीनस्थ चिकित्सकों ने भी लामबंदी की है। चिकित्सकों सीडीओ को ज्ञापन सौंपकर कहा कि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ज्ञापन में कहा है कि पटियाली के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह के साथ गालीगलौज करने के साथ ही धमकियां भी दी जा रहीं हैं। चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो चिकित्सक सामूहिक रूप से अवकाश पर चले जाएंगे। सीवीओ और अधीनस्थों के बीच छिड़े विवाद में विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मामले में जिला प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है।
- पशु चिकित्सा विभाग की 118 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे की जांच के निर्देश नोडल अधिकारी द्वारा दिए गए। उसमें कुछ चिकित्सक भी कार्रवाई के दायरे में हैं। विभाग में वित्तीय अनियमितता की जांच भी कर रहे हैं। राजेंद्र सिंह खोखर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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- मामले में जांच करा रहे हैं। पशु चिकित्सकों ने सामूहिक शिकायत की है। जांच में यदि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पर लगे आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। आरपी सिंह, डीएम।
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पशु चिकित्सा विभाग में चिकित्सकों के बीच पाले खिंच गए हैं। सीवीओ के खिलाफ लामबंदी तेज हो गई है। दूसरी ओर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने नोडल अधिकारी के निर्देशों के क्रम में गई पहलुओं पर जांच शुरू की है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. राजेंद्र सिंह खोखर के खिलाफ अधीनस्थ चिकित्साधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करा दिया है। उसके बाद अब दोनों पक्षों से अलग-अलग दावे पेश किए जा रहे हैं। सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्साधिकारी) ने नोडल अधिकारी के निर्देशों का हवाला देते हुए वित्तीय अनियमितता और पशु चिकित्सा विभाग की जांच शुरू की है जिसमें कुछ चिकित्सकों पर कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा अधीनस्थ चिकित्सकों ने भी लामबंदी की है। चिकित्सकों सीडीओ को ज्ञापन सौंपकर कहा कि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ज्ञापन में कहा है कि पटियाली के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह के साथ गालीगलौज करने के साथ ही धमकियां भी दी जा रहीं हैं। चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो चिकित्सक सामूहिक रूप से अवकाश पर चले जाएंगे। सीवीओ और अधीनस्थों के बीच छिड़े विवाद में विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मामले में जिला प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है।
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- पशु चिकित्सा विभाग की 118 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे की जांच के निर्देश नोडल अधिकारी द्वारा दिए गए। उसमें कुछ चिकित्सक भी कार्रवाई के दायरे में हैं। विभाग में वित्तीय अनियमितता की जांच भी कर रहे हैं। राजेंद्र सिंह खोखर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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- मामले में जांच करा रहे हैं। पशु चिकित्सकों ने सामूहिक शिकायत की है। जांच में यदि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पर लगे आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। आरपी सिंह, डीएम।