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मंत्रालय को ट्वीट के बाद रेलवे बना रहा रिपोर्ट
Updated Fri, 20 Apr 2018 11:27 PM IST
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मंत्रालय को ट्वीट के बाद रेलवे बना रहा रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
शहर चारों ओर से रेलवे लाइन से घिरा हुआ है। रेल लाइन के सर्किल से तमाम तरह की अड़चनें शहर के विकास में बनी हुई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शहर की रफ्तार को रेल फाटकों के बंद रहने से है। शहर की आबादी का हिस्सा रेल फाटकों के कारण प्रभावित होता है, लेकिन रेलवे की ओर से कहीं भी फ्लाईओवर नहीं बनाया गया है।
अमर उजाला ने रेल फाटकों की समस्याओं पर अभियान चलाकर इसकी मांग उठाई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी ने इसका समर्थन करते हुए शासन को पत्र भी जारी किया था, लेकिन अभी तक रेलवे प्रशासन शहर के लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। पटियाली के विधायक ममतेश शाक्य ने भी मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर फ्लाईओवर की मांग की। मुख्यमंत्री ने यह पत्र संस्तुति के साथ रेल मंत्रालय को भेज दिया था, जिसमें 3 फ्लाईओवर के निर्माण की संस्तुति की है। शहर में सहावर गेट मुख्य बाजार, नगला अस्तल, अहरौली रेल फाटक, अमांपुर गल्ला मंडी रोड पर दो रेल फाटक लगे हुए हैं। पूरे दिन भारी संख्या में यात्री गाड़ी और मालगाड़ियों का कासगंज-कानपुर एवं कासगंज-बरेली रेलमार्ग पर आवागमन होता है। इससे अक्सर ये तीनों फाटक बंद रहते हैं। कभी-कभी तो इन रेल फाटकों में तकनीकी कमी भी आ जाती है, जिससे राहगीर परेशान होते हैं। इन रेल फाटकों के कारण अमांपुर रोड गल्ला मंडी, अहरौली, नगला अस्तल इलाके में विकास प्रभावित है। लोग फ्लाईओवर की लगातार मांग उठा रहे हैं, लेकिन रेलवे इसे अनसुना कर रहा है। शहर के एक्टिविस्ट एवं इंजीनियर अमित तिवारी ने रेल मंत्रालय को ट्वीट कर इस बड़ी समस्या की ओर ध्यान खींचा है। रेल मंत्रालय ने इज्जतनगर रेलमंडल के अधिकारियों से इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब इज्जतनगर रेलमंडल अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
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शहर चारों ओर से रेलवे लाइन से घिरा हुआ है। रेल लाइन के सर्किल से तमाम तरह की अड़चनें शहर के विकास में बनी हुई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शहर की रफ्तार को रेल फाटकों के बंद रहने से है। शहर की आबादी का हिस्सा रेल फाटकों के कारण प्रभावित होता है, लेकिन रेलवे की ओर से कहीं भी फ्लाईओवर नहीं बनाया गया है।
अमर उजाला ने रेल फाटकों की समस्याओं पर अभियान चलाकर इसकी मांग उठाई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी ने इसका समर्थन करते हुए शासन को पत्र भी जारी किया था, लेकिन अभी तक रेलवे प्रशासन शहर के लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। पटियाली के विधायक ममतेश शाक्य ने भी मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर फ्लाईओवर की मांग की। मुख्यमंत्री ने यह पत्र संस्तुति के साथ रेल मंत्रालय को भेज दिया था, जिसमें 3 फ्लाईओवर के निर्माण की संस्तुति की है। शहर में सहावर गेट मुख्य बाजार, नगला अस्तल, अहरौली रेल फाटक, अमांपुर गल्ला मंडी रोड पर दो रेल फाटक लगे हुए हैं। पूरे दिन भारी संख्या में यात्री गाड़ी और मालगाड़ियों का कासगंज-कानपुर एवं कासगंज-बरेली रेलमार्ग पर आवागमन होता है। इससे अक्सर ये तीनों फाटक बंद रहते हैं। कभी-कभी तो इन रेल फाटकों में तकनीकी कमी भी आ जाती है, जिससे राहगीर परेशान होते हैं। इन रेल फाटकों के कारण अमांपुर रोड गल्ला मंडी, अहरौली, नगला अस्तल इलाके में विकास प्रभावित है। लोग फ्लाईओवर की लगातार मांग उठा रहे हैं, लेकिन रेलवे इसे अनसुना कर रहा है। शहर के एक्टिविस्ट एवं इंजीनियर अमित तिवारी ने रेल मंत्रालय को ट्वीट कर इस बड़ी समस्या की ओर ध्यान खींचा है। रेल मंत्रालय ने इज्जतनगर रेलमंडल के अधिकारियों से इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब इज्जतनगर रेलमंडल अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
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