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कैबिनेट मंत्री के गले की फांस बना जाति प्रमाणपत्र
Updated Tue, 19 Dec 2017 10:46 PM IST
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फिरोजाबाद। कैबिनेट मंत्री और टूंडला के विधायक प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल के जातीय प्रमाण पत्र के मामले में अपना पक्ष रखने के लिए हाजिर न होने पर हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को यूपी सरकार के चीफ सेक्टरी को पत्र भेजकर केबिनेट मंत्री को 15 जनवरी तक अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित कराने को कहा है।
एसपी सिंह बघेल के खिलाफ लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा से लड़े पूर्व विधायक राकेश बाबू ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल कर उनके जातीय प्रमाण पत्र को चुनौती दी। 26 मई 2017 को दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने पहला नोटिस 18 अगस्त को दिया। एक याचिका प्रेमपाल सिंह की तरफ से भी दाखिल की गई।
याचिका पर नोटिस जारी करते हुए बघेल से उनके जातीय प्रमाण पत्र के संबंध में साक्ष्य देने और अपना पक्ष रखने को कहा गया। बघेल के जवाब दाखिल न करने पर हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ सेक्टरी को केबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल को सूचना देकर 15 जनवरी तक पक्ष रखने का निर्देश दिया है। वादी पक्ष के अधिवक्ता संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि याचिका के संबंध में प्रदेश सरकार के मंत्री ने न्यायालय में अपना जवाब दाखिल न करने पर कोर्ट ने नोटिस दिया है।
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पूर्व विधायक राकेश बाबू का कहना है कि फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर एसपी सिंह बघेल ने चुनाव लड़ा। न्यायालय में मामला पहुंचने पर अब वह साक्ष्य भी नहीं दे पा रहे हैं। बघेल पिछड़ा वर्ग से जुड़े हैं और गलत तरीके से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़े हैं।
एसपी सिंह बघेल का कहना है कि न्यायालय का अभी तक उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलेगा तब उसके बिंदुओं के आधार पर जवाब दिया जाएगा। कुछ लोग बिना वजह इस मामले को तूल दे रहे हैं।
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एसपी सिंह बघेल के खिलाफ लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा से लड़े पूर्व विधायक राकेश बाबू ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल कर उनके जातीय प्रमाण पत्र को चुनौती दी। 26 मई 2017 को दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने पहला नोटिस 18 अगस्त को दिया। एक याचिका प्रेमपाल सिंह की तरफ से भी दाखिल की गई।
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याचिका पर नोटिस जारी करते हुए बघेल से उनके जातीय प्रमाण पत्र के संबंध में साक्ष्य देने और अपना पक्ष रखने को कहा गया। बघेल के जवाब दाखिल न करने पर हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ सेक्टरी को केबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल को सूचना देकर 15 जनवरी तक पक्ष रखने का निर्देश दिया है। वादी पक्ष के अधिवक्ता संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि याचिका के संबंध में प्रदेश सरकार के मंत्री ने न्यायालय में अपना जवाब दाखिल न करने पर कोर्ट ने नोटिस दिया है।
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पूर्व विधायक राकेश बाबू का कहना है कि फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर एसपी सिंह बघेल ने चुनाव लड़ा। न्यायालय में मामला पहुंचने पर अब वह साक्ष्य भी नहीं दे पा रहे हैं। बघेल पिछड़ा वर्ग से जुड़े हैं और गलत तरीके से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़े हैं।
एसपी सिंह बघेल का कहना है कि न्यायालय का अभी तक उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलेगा तब उसके बिंदुओं के आधार पर जवाब दिया जाएगा। कुछ लोग बिना वजह इस मामले को तूल दे रहे हैं।