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सीएम के फर्जी आदेशों से ऐसे की फर्जीवाड़े की कोशिश
Updated Sun, 10 Dec 2017 11:55 PM IST
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कासगंज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कूटरचित निर्देश पत्र अलीगढ़ के कमिश्नर, डीएम और सीडीओ को जारी कर विकास भवन के लेखाकार के अवशेष वेतन के भुगतान सहित अन्य निर्देश देने के पत्र पर संदेह होने पर जांच पड़ताल की गई।
इस जांच पड़ताल में प्रमुख सचिव स्तर पर पत्र को फर्जी करार दिया। पत्र फर्जी साबित होने पर मामले की प्राथमिकी दर्ज की। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि पत्र को फर्रुखाबाद फतेहपुर के एक साइबर कैफे से भेजा गया।
31 अक्तूबर को अलीगढ़ के कमिश्नर, डीएम और सीडीओ को निर्देश मिले विकास भवन में तैनात लेखाकार नित्यानंद मिश्रा के अवशेष वेतन का भुगतान किया जाए। एक अन्य कर्मी को उनकी मूल तैनाती के पद पर एटा भेजने के निर्देश भी दिए और दो करोड़ का घोटाला बताते हुए तत्काल जांच कराने एवं स्टॉक रजिस्टर को सील करने को कहा।
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पत्र की भाषा सीधी होने के कारण डीएम और अन्य अधिकारियों को पत्र के फर्जी होने का संदेह हुआ। इस पत्र को मंडलायुक्त के जरिए से शासन को मुख्यमंत्री के कार्यालय पर जांच के लिए भेजा गया। मुख्यमंत्री के गोपनीय कार्यालय की जांच पड़ताल में यह पत्र फर्जी साबित हुआ।
पत्र फर्जी होने पर कमिश्नर, डीएम को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ने एफआईआर करा कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
कथित भाजपा नेता अंजू कुदेशिया की ओर से आत्मदाह की धमकी का पत्र प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा। शिकायती पत्र के आधार पर जांच और कार्रवाई के निर्देश मंडलायुक्त, डीएम को भेजे। एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस इन सभी आधारों पर जांच पड़ताल कर रही है।
सीडीओ श्रीनिवास मिश्र का कहना है कि लेखाकर नित्यानंद मिश्रा का पहले ही ट्रांसफर हो चुका है। वह यहां तैनात नहीं है। उन्होंने कहा कि जो पत्र मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में भेजा था वह उसकी भाषा से ही गलत नजर आ रहा था और जांच में भी गलत पाया गया है। इस मामले में विभागी जांच भी की जा रही है।
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इस जांच पड़ताल में प्रमुख सचिव स्तर पर पत्र को फर्जी करार दिया। पत्र फर्जी साबित होने पर मामले की प्राथमिकी दर्ज की। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि पत्र को फर्रुखाबाद फतेहपुर के एक साइबर कैफे से भेजा गया।
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31 अक्तूबर को अलीगढ़ के कमिश्नर, डीएम और सीडीओ को निर्देश मिले विकास भवन में तैनात लेखाकार नित्यानंद मिश्रा के अवशेष वेतन का भुगतान किया जाए। एक अन्य कर्मी को उनकी मूल तैनाती के पद पर एटा भेजने के निर्देश भी दिए और दो करोड़ का घोटाला बताते हुए तत्काल जांच कराने एवं स्टॉक रजिस्टर को सील करने को कहा।
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पत्र की भाषा सीधी होने के कारण डीएम और अन्य अधिकारियों को पत्र के फर्जी होने का संदेह हुआ। इस पत्र को मंडलायुक्त के जरिए से शासन को मुख्यमंत्री के कार्यालय पर जांच के लिए भेजा गया। मुख्यमंत्री के गोपनीय कार्यालय की जांच पड़ताल में यह पत्र फर्जी साबित हुआ।
पत्र फर्जी होने पर कमिश्नर, डीएम को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ने एफआईआर करा कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
कथित भाजपा नेता अंजू कुदेशिया की ओर से आत्मदाह की धमकी का पत्र प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा। शिकायती पत्र के आधार पर जांच और कार्रवाई के निर्देश मंडलायुक्त, डीएम को भेजे। एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस इन सभी आधारों पर जांच पड़ताल कर रही है।
सीडीओ श्रीनिवास मिश्र का कहना है कि लेखाकर नित्यानंद मिश्रा का पहले ही ट्रांसफर हो चुका है। वह यहां तैनात नहीं है। उन्होंने कहा कि जो पत्र मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में भेजा था वह उसकी भाषा से ही गलत नजर आ रहा था और जांच में भी गलत पाया गया है। इस मामले में विभागी जांच भी की जा रही है।