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फर्जी डिग्री के मामले में 54 शिक्षकों ने अधिकारी को भेजा जवाब
Updated Thu, 30 Nov 2017 11:39 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
मथुरा। एसआईटी द्वारा बीएड की फर्जी डिग्री से शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे शिक्षकों के खुलासे के बाद मथुरा में भी 54 ऐसे शिक्षक पकड़ में आए थे। बीएसए के पत्र पर सभी शिक्षकों ने अपना जवाब कार्यालय में दाखिल कर दिया है।
गौरतलब है हाईकोर्ट द्वारा गठित एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ था कि वर्ष 2004-05 में डा.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीएड की 4570 फर्जी डिग्रियां जारी की थी। इन डिग्रियों से कई जिलों में लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। एसआईटी ने जो सीडी उपलब्ध कराई है उससे मथुरा में नौकरी कर रहे 54 शिक्षकों को चिंह्ति किया गया।
बीएसए ने इन सभी को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का नोटिस दिया था।
इस मामले में सभी शिक्षकों ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। कार्यालय सूत्र बताते है अपने जवाब में शिक्षकों ने विभाग के डिग्री फर्जी घोषित करने के निर्णय पर ही सवाल खड़े किए है। तर्क है कि डिग्री फर्जी है तो इस बात की पुष्टि सबंधित विश्वविद्यालय द्वारा की जानी चाहिए। जबकि अभी डा.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है।
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इस मामले में बीएसए संजीव कुमार सिंह ने बताया सभी शिक्षकों के जवाब मिल गए है हम न्यायालय के आदेश का अध्ययन कर रहे है। शासन से भी मार्गदर्शन मांगा गया है जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
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गौरतलब है हाईकोर्ट द्वारा गठित एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ था कि वर्ष 2004-05 में डा.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीएड की 4570 फर्जी डिग्रियां जारी की थी। इन डिग्रियों से कई जिलों में लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। एसआईटी ने जो सीडी उपलब्ध कराई है उससे मथुरा में नौकरी कर रहे 54 शिक्षकों को चिंह्ति किया गया।
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बीएसए ने इन सभी को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का नोटिस दिया था।
इस मामले में सभी शिक्षकों ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। कार्यालय सूत्र बताते है अपने जवाब में शिक्षकों ने विभाग के डिग्री फर्जी घोषित करने के निर्णय पर ही सवाल खड़े किए है। तर्क है कि डिग्री फर्जी है तो इस बात की पुष्टि सबंधित विश्वविद्यालय द्वारा की जानी चाहिए। जबकि अभी डा.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है।
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इस मामले में बीएसए संजीव कुमार सिंह ने बताया सभी शिक्षकों के जवाब मिल गए है हम न्यायालय के आदेश का अध्ययन कर रहे है। शासन से भी मार्गदर्शन मांगा गया है जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।