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केंद्र सरकार दे रही मछली उत्पादन वढ़ावा
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:52 PM IST
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मछली
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फिरोजाबाद/टूंडला। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने और नीली क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एपी शिंदे विचार गोष्ठी हॉल नई दिल्ली में हुई। गोष्ठी में देश भर के मत्स्य पालकों ने भाग लिया। गोष्ठी में नगर निवासी आगरा मंडल से प्रगतिशील किसान सर्वोच्च मत्स्य पालन में उत्पादन करने वाले यतीश यादव एडवोकेट को आमंत्रित किया गया है।
गोष्ठी में उन्होंने मत्स्य पालन से संबंधित प्रस्ताव रखे। उन्होंने जनपद स्तर पर मछली बिक्री के लिए मार्केटिंग की सुविधा, बीमा, मछलियों के अचानक मौत होने पर उसकी जांच के लिए लैब व्यवस्था और भारत सरकार द्वारा मत्स्य पालकों को बीज, पानी, खाने पर विभाग द्वारा अनुदान देने की मांग रखी।
गोष्ठी में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री द्वारा लक्ष्य दिया गया कि किसान की आय कैसे दोगुनी की जाए। इसमें मत्स्य पालन को मुख्य श्रोत माना गया है। इससे किसानों की आय दोगुनी होती है। झींगा मछली को विश्व में प्रथम स्थान मिला है। 80 से 85 प्रतिशत तक किसान गांवों में रहता है। मछली उत्पादन बढ़ेगा तो देश आगे बढ़ेगा। मत्स्य पालन के लिए सरकार अनुदान देती है। किसान पूरा लाभ उठा सकते हैं। गोष्ठी की अध्यक्षता डा. दिलीप कुमार ने और संचालन तपस्या ने किया।
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गोष्ठी में उन्होंने मत्स्य पालन से संबंधित प्रस्ताव रखे। उन्होंने जनपद स्तर पर मछली बिक्री के लिए मार्केटिंग की सुविधा, बीमा, मछलियों के अचानक मौत होने पर उसकी जांच के लिए लैब व्यवस्था और भारत सरकार द्वारा मत्स्य पालकों को बीज, पानी, खाने पर विभाग द्वारा अनुदान देने की मांग रखी।
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गोष्ठी में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री द्वारा लक्ष्य दिया गया कि किसान की आय कैसे दोगुनी की जाए। इसमें मत्स्य पालन को मुख्य श्रोत माना गया है। इससे किसानों की आय दोगुनी होती है। झींगा मछली को विश्व में प्रथम स्थान मिला है। 80 से 85 प्रतिशत तक किसान गांवों में रहता है। मछली उत्पादन बढ़ेगा तो देश आगे बढ़ेगा। मत्स्य पालन के लिए सरकार अनुदान देती है। किसान पूरा लाभ उठा सकते हैं। गोष्ठी की अध्यक्षता डा. दिलीप कुमार ने और संचालन तपस्या ने किया।
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