फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   नोटबंदी: एक साल बाद भी कम नहीं हुई कसक

नोटबंदी: एक साल बाद भी कम नहीं हुई कसक

Tue, 07 Nov 2017 11:01 PM IST
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:01 PM IST
विज्ञापन
नोटबंदी: एक साल बाद भी कम नहीं हुई कसक
जीटी रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर चल रही स्वैप मशीन
एटा। साल 2016 आठ नवंबर, समय रात आठ बजे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश में 500 और एक हजार के नोटों को चलन से बाहर करने की बात कही, तो पूरे देश में भूचाल आ गया। लोग एटीएम की ओर दौड़े। पूरे जिले में लोगों को अपने पैसों के लिए तमाम दिक्कतें आईं। जिले में आज भी नोटबंदी की कसक कम नहीं हुई है।
विज्ञापन


लोग कैशलेस लेनदेन की ओर जरूर बढ़े हैं, लेकिन मुश्किलें कम नहीं हो पाई हैं। आलम यह है कि जिले में 40 फीसदी लोगों ने कैशलेस लेनदेन को अपनाया है। मगर 60 फीसदी लोग आज भी नकदी पर ही अपना जीवन गुजार रहे हैं। आज आठ नवंबर है, नोटबंदी को एक साल पूरा हो रहा है, लेकिन मुसीबतें आज भी उतनी ही हैं।
विज्ञापन


कैशलेस लेन देन में इजाफा

बीते साल नोटबंदी के बाद सरकार ने कैशलेस लेनदेन पर जोर दिया। जिले के लोगों ने भी इसे खुले दिल से अपनाया। सामान खरीदना हो या बिलों का भुगतान सब कैशलेस होने लगा। आलम यह रहा कि जिले में 40 फीसदी लोगों ने कैशलेस सुविधा का लाभ उठाया। बैंकों की मानें तो लोगों को कैशलेस सुविधा रास आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों ने भी जताया भरोसा

किसान और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता अक्सर आनलाइन व्यवस्था से कतराते हैं, लेकिन नोटबंदी के बाद शुरू हुई आनलाइन व्यवस्थाओं में उन्होंने भी भरोसा जताया। ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त के क्षेत्रीय प्रबंधक भगीरथ शर्मा बताते हैं कि उनके यहां 35 फीसदी ग्राहक आनलाइन सुविधा की ओर बढ़े हैं। वहीं सहकारी बैंकों में भी उपभोक्ताओें ने आनलाइन व्यवस्था को हाथों-हाथ लिया।

व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलें

नोटबंदी के दौरान व्यापार पूरी तरह से निचले स्तर पर आ गया। व्यापारियों ने भी सरकार का साथ देते हुए कैशलेस व्यवस्था को अपनाया, मगर बैंकों का साथ नहीं मिलने से मुश्किलें बढ़ती रहीं। आलम यह है कि जिले के 120 व्यापारियों ने स्वाइप मशीन को आवेदन किए, मगर बैंकें व्यापारियों को मशीनें उपलब्ध नहीं करा सकीं।

बढ़ गए आयकर दाता

जिले में नोटबंदी के बाद कई आयकर दाता सामने आए हैं। नोटबंदी से आयकर दाता की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ात्तरी हुई है। साथ ही आयकर विभाग का राजस्व भी बढ़ा है।

कम नहीं हुईं एटीएम पर कतारें

नोटबंदी के दौर में एटीएम पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती थीं। मगर आज भी स्थिति वैसी ही है। जिले के एटीएम नकदी के लिए आज भी लोगों को रुला रहे हैं। आए दिन एटीएम पर कतारें नजर आती हैं।


बढ़े साइबर अपराध के मामले

नोटबंदी के बाद शुरू हुई कैशलेस व्यवस्था ने जहां लोगाें को राहत दी। वहीं साइबर क्राइम में इजाफा हुआ। फर्जी फोन कॉल से खाते से रुपये निकलने, खाता हैक होने के तमाम मामले सामने आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed