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परीक्षा केंद्रों पर कम कक्ष निरीक्षकों ने उपस्थिति दर्ज कराई, अधिकतर परिषदीय शिक्षक नहीं पहुंचे
Tue, 12 Feb 2019 07:38 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 12 Feb 2019 07:38 PM IST
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आगरा में यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के हिंदी प्रश्नपत्र की परीक्षा में कम कक्ष निरीक्षक केंद्रों पर पहुंचे। स्थिति यह हो गई कि कक्षों में कक्ष निरीक्षकों की संख्या कम करनी पड़ी। दो की जगह एक ही कक्ष निरीक्षक ने परीक्षा कराई। सुबह की पाली में ड्यूटी देने वाले कक्ष निरीक्षकों से ही शाम की पाली में ड्यूटी करानी पड़ी।
नियम है कि एक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक तैनात होने चाहिए। परीक्षार्थियों की संख्या 40 से अधिक होने पर छात्र संख्या के आधार पर और अधिक कक्ष निरीक्षक लगाए जाने चाहिए। सात फरवरी से बोर्ड परीक्षा शुरू है, ड्यूटी लगने के बाद भी अभी तक कक्ष निरीक्षकों ने उपस्थिति नहीं दर्ज कराई है। केंद्र व्यवस्थापक लगातार सूचनाएं दे रहे हैं। विभाग की तैयारियां पूरी नहीं थीं। डीबीएसएस खालसा इंटर कॉलेज में 30 में से 20 कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे। श्री रत्नमुनि जैन इंटर कॉलेज, लोहामंडी में 10 परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी, एक भी नहीं पहुंचा। चित्रगुप्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 20 शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी, उसमें से 10 ही पहुंचे।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में भी कई शिकायतें आईं। कालीचरण इंटर कॉलेज, माधवी अग्रसेन इंटर कॉलेज, खेरागढ़, भोलानाथ इंटर कॉलेज, जगनेर में बहुत कम कक्ष निरीक्षक पहुंचे।
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शिक्षकों का वेतन काटा जाएगा
बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि जिन परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी यूपी बोर्ड परीक्षा में लगाई गई थी और वह विद्यालयों से रिलीव भी हो गए हैं, फिर भी वे परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे, ऐसे शिक्षकों को अनुपस्थित मानते हुए 12 फरवरी का वेतन काटा जाएगा। आगे की परीक्षा में अनुपस्थिति रहने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
कम केंद्रों पर पहुंची पुलिस
पुलिस भी कम परीक्षा केंद्रों पर पहुंची। एसएसएन इंटर कॉलेज सुभाष नगर, जीआईसी, विक्टोरिया इंटर कॉलेज आदि केंद्रों पर पुलिस नहीं पहुंची। कई केंद्रों से कंट्रोल रूम पर भी सूचनाएं दी गईं। कई केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक व स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी हिंदी की परीक्षा में नहीं पहुंचे।
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नियम है कि एक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक तैनात होने चाहिए। परीक्षार्थियों की संख्या 40 से अधिक होने पर छात्र संख्या के आधार पर और अधिक कक्ष निरीक्षक लगाए जाने चाहिए। सात फरवरी से बोर्ड परीक्षा शुरू है, ड्यूटी लगने के बाद भी अभी तक कक्ष निरीक्षकों ने उपस्थिति नहीं दर्ज कराई है। केंद्र व्यवस्थापक लगातार सूचनाएं दे रहे हैं। विभाग की तैयारियां पूरी नहीं थीं। डीबीएसएस खालसा इंटर कॉलेज में 30 में से 20 कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे। श्री रत्नमुनि जैन इंटर कॉलेज, लोहामंडी में 10 परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी, एक भी नहीं पहुंचा। चित्रगुप्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 20 शिक्षकों की ड्यूटी लगी थी, उसमें से 10 ही पहुंचे।
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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में भी कई शिकायतें आईं। कालीचरण इंटर कॉलेज, माधवी अग्रसेन इंटर कॉलेज, खेरागढ़, भोलानाथ इंटर कॉलेज, जगनेर में बहुत कम कक्ष निरीक्षक पहुंचे।
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शिक्षकों का वेतन काटा जाएगा
बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि जिन परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी यूपी बोर्ड परीक्षा में लगाई गई थी और वह विद्यालयों से रिलीव भी हो गए हैं, फिर भी वे परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे, ऐसे शिक्षकों को अनुपस्थित मानते हुए 12 फरवरी का वेतन काटा जाएगा। आगे की परीक्षा में अनुपस्थिति रहने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
कम केंद्रों पर पहुंची पुलिस
पुलिस भी कम परीक्षा केंद्रों पर पहुंची। एसएसएन इंटर कॉलेज सुभाष नगर, जीआईसी, विक्टोरिया इंटर कॉलेज आदि केंद्रों पर पुलिस नहीं पहुंची। कई केंद्रों से कंट्रोल रूम पर भी सूचनाएं दी गईं। कई केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक व स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी हिंदी की परीक्षा में नहीं पहुंचे।