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पढ़ाई से पहले बच्चे हाथों में थामते हैं झाड़ू
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शिकोहाबाद। प्राथमिक शिक्षा का बुरा हाल है। विद्यालयों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों को विद्यालय आते ही झाड़ू पकड़ा दी जाती है। पढ़ाई से पहले बच्चे विद्यालय में झाड़ू लगाते हैं और बाद में पड़ाई करते हैं। जबकि हर विद्यालय में झाड़ू लगाने वाले कर्मचारी तैनात हैं।
गुरुवार सुबह मइयामई के प्राथमिक विद्यालय में बच्चे झाड़ू लगाते मिले। प्रधान अध्यापक विद्यालय में मौजूद थे। झाड़ू लगाने के बाद बच्चों ने फर्श बिछाया और उस पर बैठकर पढ़ने लगे। विद्यालय में पौधे होने के कारण परिसर में गंदगी हो जाती है। जिसे बच्चे स्कूल खोलने के बाद झाड़ू हाथों में उठाकर साफ करते हैं और फिर फर्श बिछाकर पढ़ने बैठ जाते हैं।
गुरुवार को जब मीडियाकर्मी ग्रामीणों के जूनियर हाईस्कूल में गोवंश को बंद करने की सूचना पर पहुंचे तो प्राथमिक विद्यालय में झाड़ू लगाती एक बच्ची पर नजर पढ़ी। मीडिया कर्मियों ने बच्ची के झाड़ू लगाने को अपने कैमरे में कैद कर लिया।
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जब इस संबंध में प्रधानाध्यापक से बात की तो उन्होंने बताया कि झाड़ू लगाने वाला कर्मचारी तैनात है, लेकिन वह कभी-कभी आता है। बच्चों के सफाई करने पर उन्होंने बताया कि बच्चे झाड़ू नहीं लगाते हैं। विगत दो-तीन दिन से सफाई कर्मचारी नहीं आया था, इसलिए बच्ची ने झाड़ू लगाना शुरू कर दिया था बाद में उसे मना किया था।
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गुरुवार सुबह मइयामई के प्राथमिक विद्यालय में बच्चे झाड़ू लगाते मिले। प्रधान अध्यापक विद्यालय में मौजूद थे। झाड़ू लगाने के बाद बच्चों ने फर्श बिछाया और उस पर बैठकर पढ़ने लगे। विद्यालय में पौधे होने के कारण परिसर में गंदगी हो जाती है। जिसे बच्चे स्कूल खोलने के बाद झाड़ू हाथों में उठाकर साफ करते हैं और फिर फर्श बिछाकर पढ़ने बैठ जाते हैं।
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गुरुवार को जब मीडियाकर्मी ग्रामीणों के जूनियर हाईस्कूल में गोवंश को बंद करने की सूचना पर पहुंचे तो प्राथमिक विद्यालय में झाड़ू लगाती एक बच्ची पर नजर पढ़ी। मीडिया कर्मियों ने बच्ची के झाड़ू लगाने को अपने कैमरे में कैद कर लिया।
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जब इस संबंध में प्रधानाध्यापक से बात की तो उन्होंने बताया कि झाड़ू लगाने वाला कर्मचारी तैनात है, लेकिन वह कभी-कभी आता है। बच्चों के सफाई करने पर उन्होंने बताया कि बच्चे झाड़ू नहीं लगाते हैं। विगत दो-तीन दिन से सफाई कर्मचारी नहीं आया था, इसलिए बच्ची ने झाड़ू लगाना शुरू कर दिया था बाद में उसे मना किया था।