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टीटीजेड में गैर प्रदूषणकारी इकाइयों को राहत संभव
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:55 PM IST
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फिरोजाबाद। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की पहल रंग लाई तो टीटीजेड (ताज ट्रिपेजियम जोन) में शामिल गैर प्रदूषणकारी इकाइयों को बड़ी राहत मिल सकती है। सीपीसीबी ने वायु प्रदूषणकारी व गैर वायु प्रदूषणकारी इकाइयों की नए सिरे से सूची तैयार की जा रही है। इसमें गैर प्रदूषणकारी इकाइयों को रेड व औरेंज कैटेगिरी से बाहर रखा जा सकता है।
टीटीजेड में शामिल जिलों आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, एटा, हाथरस और भरतपुर में विभिन्न प्रकार की प्रदूषणकारी इकाइयों को लेकर पर्यावरण मंत्रालय ने 26 सितंबर, 2018 को उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है। सीपीसीबी सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी में पर्यावरण शोध संस्थाओं से जुड़े कई विशेष अधिकारी शामिल हैं।
मंत्रालय ने कमेटी को टीटीजेड में आने वाले सभी जिलों में वायु प्रदूषणकारी और गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की पहचान करने का जिम्मा सौंपा है, जिससे सुप्रीम कोर्ट को उद्योगों के अलावा प्रदूषण के नए श्रोतों से अवगत कराया जा सके। कमेटी के सचिव प्रशांत भार्गव ने कहा कि सीपीसीबी द्वारा जल्द टीटीजेड में प्रदूषणकारी व गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की अलग से सूची जारी की जाएगी, जिससे रेड व औरेंज केटेगिरी से गैर प्रदूषणकारी इकाइयों को अलग किया जा सके।
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उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक संदीप यादव का कहना है कि सीपीसीबी द्वारा नई सूची को सुप्रीम कोर्ट व एमसी मेहता को भी अध्ययन के लिए सौंपा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद ही सीपीसीबी द्वारा गैर प्रदूषणकारी इकाइयां को राहत देने का निर्णय लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उद्योग विभाग द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर पूरे जिले में गैर प्रदूषणकारी इकाइयों का सर्वे कराया गया था, जिसमें होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज होम, अस्पताल व अन्य इकाइयां शामिल हैं। उद्योग विभाग ने सर्वे के आधार पर 125 गैर प्रदूषणकारी इकाइयों की सूची टीटीजेड के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में भी दाखिल कर दी है।
रिपोर्ट-विमल
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टीटीजेड में शामिल जिलों आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, एटा, हाथरस और भरतपुर में विभिन्न प्रकार की प्रदूषणकारी इकाइयों को लेकर पर्यावरण मंत्रालय ने 26 सितंबर, 2018 को उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है। सीपीसीबी सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी में पर्यावरण शोध संस्थाओं से जुड़े कई विशेष अधिकारी शामिल हैं।
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मंत्रालय ने कमेटी को टीटीजेड में आने वाले सभी जिलों में वायु प्रदूषणकारी और गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की पहचान करने का जिम्मा सौंपा है, जिससे सुप्रीम कोर्ट को उद्योगों के अलावा प्रदूषण के नए श्रोतों से अवगत कराया जा सके। कमेटी के सचिव प्रशांत भार्गव ने कहा कि सीपीसीबी द्वारा जल्द टीटीजेड में प्रदूषणकारी व गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की अलग से सूची जारी की जाएगी, जिससे रेड व औरेंज केटेगिरी से गैर प्रदूषणकारी इकाइयों को अलग किया जा सके।
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उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक संदीप यादव का कहना है कि सीपीसीबी द्वारा नई सूची को सुप्रीम कोर्ट व एमसी मेहता को भी अध्ययन के लिए सौंपा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद ही सीपीसीबी द्वारा गैर प्रदूषणकारी इकाइयां को राहत देने का निर्णय लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उद्योग विभाग द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर पूरे जिले में गैर प्रदूषणकारी इकाइयों का सर्वे कराया गया था, जिसमें होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज होम, अस्पताल व अन्य इकाइयां शामिल हैं। उद्योग विभाग ने सर्वे के आधार पर 125 गैर प्रदूषणकारी इकाइयों की सूची टीटीजेड के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में भी दाखिल कर दी है।
रिपोर्ट-विमल