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वोट काटने का मामला: अब जांच करेगी एसआईटी
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:20 PM IST
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अलीगंज। विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से करीब बीस हजार वोटरों के नाम काटे जाने के मामले की जांच अब एसआईटी करेगी। इसके लिए अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री को शिकायत दर्ज करा एसआईटी से जांच कराने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गृह विभाग ने मामले की जांच एसआईटी से कराने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक सत्यपाल सिंह राठौर करीब दो माह पहले डीएम अमित किशोर से करीब बीस हजार वोट काटने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व महेश चंद्र शर्मा ने मामले की जांच की। जांच में उन्होंने पाया कि काटे गए नाम पात्र हैं। इसके बाद रजिस्टार कानूनगो पीपी आनंद को निलंबित कर दिया गया। कंप्यूटर ऑपरेटर जमील अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई लेकिन विधायक अलीगंज सत्यपाल सिंह राठौर संतुष्ट नहीं हुए।
उन्होंने मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की और मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की। मामले में गंभीरता लेते हुए मामले की जांच एसआईटी से कराने की संस्तुति की। इसको लेकर गृह विभाग के उप सचिव विजय शंकर पांडेय ने विधायक अलीगंज को एसआईटी से मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
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ऑपरेटर पर यह लगा था आरोप
बता दें कि कंप्यूटर आपरेटर द्वारा निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड को हैक कर फार्म नंबर सात में बदलाव कर वोट काटने का आरोप लगा था। हालांकि उस दौरान काफी लोग सहमत नहीं थे। उनका कहना है कि पासवर्ड तो उच्चाधिकारियों के पास था तो ऑपरेटर ने किस तरह से उसका इस्तेमाल किया? बहरहाल, एसआईटी जांच में मामले की पूरी तरह से कलई खुल जाएगी।
जिन लोगों के वोट काटे गए थे, वे सभी पात्र है। मृत दिखाए गए लोग भी एडीएम की जांच में जिंदा मिले। हमारी मांग को मुख्यमंत्री ने मान लिया है। एसआईटी से मामले की जांच होगी तो सब साफ हो जाएगा। एसआईटी से जांच को लेेकर उप सचिव विजय शंकर पांडेय का पत्र प्राप्त हो गया है।
सत्यपाल सिंह राठौर, विधायक अलीगंज
बता दें कि अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक सत्यपाल सिंह राठौर करीब दो माह पहले डीएम अमित किशोर से करीब बीस हजार वोट काटने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व महेश चंद्र शर्मा ने मामले की जांच की। जांच में उन्होंने पाया कि काटे गए नाम पात्र हैं। इसके बाद रजिस्टार कानूनगो पीपी आनंद को निलंबित कर दिया गया। कंप्यूटर ऑपरेटर जमील अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई लेकिन विधायक अलीगंज सत्यपाल सिंह राठौर संतुष्ट नहीं हुए।
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उन्होंने मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की और मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की। मामले में गंभीरता लेते हुए मामले की जांच एसआईटी से कराने की संस्तुति की। इसको लेकर गृह विभाग के उप सचिव विजय शंकर पांडेय ने विधायक अलीगंज को एसआईटी से मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
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ऑपरेटर पर यह लगा था आरोप
बता दें कि कंप्यूटर आपरेटर द्वारा निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड को हैक कर फार्म नंबर सात में बदलाव कर वोट काटने का आरोप लगा था। हालांकि उस दौरान काफी लोग सहमत नहीं थे। उनका कहना है कि पासवर्ड तो उच्चाधिकारियों के पास था तो ऑपरेटर ने किस तरह से उसका इस्तेमाल किया? बहरहाल, एसआईटी जांच में मामले की पूरी तरह से कलई खुल जाएगी।
जिन लोगों के वोट काटे गए थे, वे सभी पात्र है। मृत दिखाए गए लोग भी एडीएम की जांच में जिंदा मिले। हमारी मांग को मुख्यमंत्री ने मान लिया है। एसआईटी से मामले की जांच होगी तो सब साफ हो जाएगा। एसआईटी से जांच को लेेकर उप सचिव विजय शंकर पांडेय का पत्र प्राप्त हो गया है।
सत्यपाल सिंह राठौर, विधायक अलीगंज