फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   वाहनों के बढ़ते बोझ से हाईवे हलाकान

वाहनों के बढ़ते बोझ से हाईवे हलाकान

Tue, 01 May 2018 11:08 PM IST
Updated Tue, 01 May 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
वाहनों के बढ़ते बोझ से हाईवे हलाकान
विज्ञापन

एटा। शहर की लाइफ लाइन हाईवे-91 का हाल बिगड़ता चला जा रहा है। अतिक्रमण और सड़कों का सिकुड़ना जाम की सबसे बड़ी वजह हैं। साथ ही वाहनों के बढ़ते बोझ, किनारे खड़े पेड़ों, विद्युत पोल भी सुरक्षित सफर की राह में बाधा बन रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अब तक समस्या के निराकरण को लेकर चेते नहीं है।

शहर के बीच से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 91 जाम से जूझ रहा है। शहर में घुसते ही माया पैलेस चौराहे से जाम का सिलसिला शुरू हो जाता है और अलीगंज चुंगी तक करीब दो किलोमीटर तक लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता है। जाम की बड़ी वजह वाहनों का बढ़ता बोझ और सिकुड़ती सड़कें हैं। हर वर्ष जिले में दो से तीन हजार नए वाहन सड़क पर आते हैं, लेकिन सड़कों चौड़ाई में इजाफा नहीं होता।
विज्ञापन


अतिक्रमण ने सड़कों को घेरकर छोटा कर दिया है। हाईवे के दोनों ओर पूरा फुटपाथ तो दुकानदार सामान रखकर घेर लेते हैं। इसके बाद सड़क किनारे करीब तीन फुट तक ठेल संचालक अपना कब्जा जमाए बैठे हैं। आलम यह है कि शहर के माया पैलेस, बसस्टैंड, क्वालिटी होटल तिराहा, कचहरी चौराहा, जिला अस्पताल, घंटाघर चौराहा, हाथी गेट समेत तमाम स्थानों पर अतिक्रमण है। नगर पालिका और प्रशासन जाम की समस्या से निजात दिलाने को कोई पहल करते नजर नहीं आते।
विज्ञापन
विज्ञापन



ट्रांसपोर्ट नगर खाली, सड़क पर सही हो रहे वाहन
पॉलिका ने ट्रांसपोर्ट और आटो पार्ट्स व्यवसायियों के लिए ट्रांसपोर्ट नगर तैयार करवाया, लेकिन अब तक वह खाली ही पड़ा है। इक्का-दुक्का दुकानदारों को छोड़कर कोई भी व्यापारी ट्रांसपोर्ट नगर नहीं पहुंचा। वाहन मैकेनिक सड़क पर वाहनों को खड़ा करके ठीक करते हैं। इससे भी जाम बढ़ता है।

ई-रिक्शा और आटो ने बढ़ाया बोझ
वैसे तो शहर में जाम की समस्या इतनी नहीं थी, लेकिन जब से ई-रिक्शा और आटो दौडना शुरू हुए, तब से समस्या बढने लगी। ई-रिक्शा और आटो चालक वाहन को जहां-तहां खड़ा कर देते हैं। बेतरतीब ढंग से खड़े रिक्शों से भी जाम की समस्या बढ़ती है।



ट्रैफिक पुलिस भी नाकाम
यूं तो पुलिस-प्रशासन ने जाम की समस्या को दूर करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को जिम्मा सौंपा है। हर चौराहे पर दो से तीन होमगार्ड के साथ पुलिसकर्मियों की तैनाती है, मगर ट्रैफिक पुलिस भी वाहनों के बढ़ते बोझ के आगे नाकाम साबित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed