फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   जीएसटी : भट्ठियों में हर दिन लगेगी 26 लाख की ‘आग’

जीएसटी : भट्ठियों में हर दिन लगेगी 26 लाख की ‘आग’

Sat, 15 Jul 2017 11:57 PM IST
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:57 PM IST
विज्ञापन
जीएसटी : भट्ठियों में हर दिन लगेगी 26 लाख की ‘आग’
कांच कारखाना में काम करते कारीगर। - फोटो : अमर उजाला
दीपक जैन (फिरोजाबाद)। जीएसटी के कारण कांच -चूड़ी उद्योग की भट्ठियाें की आग पर हर दिन 26 लाख और खर्च करने होंगे। कांच उद्योग को दी जाने वाली गैस पर 26 प्रतिशत टैक्स स्लैब के कारण अकेले गैस के टैक्स के रूप में करीब 26 लाख रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त बोझ पड़ने जा रहा है। चाइना की मार से पहले ही जूझ रहे फिरोजाबाद के चूड़ी कांच उत्पादों का लागत बढ़ने से विश्व बाजार में टिके रहना और भी मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन



एक जुलाई से जीएसटी लागू होने पर ताज संरक्षित जोन में स्थापित इकाइयों को फार्म डी के माध्यम से वैट की दर में मिलने वाली 10 प्रतिशत की छूट खत्म हो गयी है।
विज्ञापन

जीएसटी से पूर्व वैट में कांच उद्योग को मिलने वाली गैस पर मात्र दस प्रतिशत टैक्स था। सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी से तो बाहर रखा है लेकिन राज्य दर के अनुसार टैक्स लगाने के फिलहाल दिशा निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



चूंकि वैट की स्थिति में दस प्रतिशत टैक्स की छूट मिल रही थी वह स्वत: खत्म हो गयी। गेल ने सिंडीकेट को जो पत्र भेजा है उसमें अब उद्योगों को मिलने वाली नैचुरल गैस पर 26 प्रतिशत की दर से टैक्स निर्धारित किया गया है।

शहर में लगभग 200 फैक्ट्री इससे प्रभावित होंगी। फिरोजाबाद के कारखानों में प्रति दिन लगभग 13 लाख घनमीटर गैस की खपत हो रही है। 26 प्रतिशत टैक्स दर से करीब 26 लाख रुपये प्रतिदिन का बोझ फैक्टरी संचालकों पर पडे़गा। इससे कांच उत्पादों की लागत बढ़ जाएगी।


उद्योगपति अभिषेक मित्तल चंचल का कहना है कि यदि टैक्स स्लैब में संशोधन नहीं किया गया तो कांच उद्योग पर इसका बहुत बड़ा असर पडे़गा। गुजरात और हरियाणा में नेचुरल गैस पर मात्र दस प्रतिशत टैक्स है। फिरोजाबाद का कांच उद्योग कुटीर उद्योग में आता है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।


उद्योगपति ललतेश जैन का कहना है कि कांच की चूड़ियां पूरे देश में पहनी जाती हैं। बदलते वक्त के साथ महिलाओं का चूड़ी से रुझान वैसे ही कम हो रहा है, गैस महंगी होने से चूड़ी की उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। महंगी चूड़ी गांव की महिलाएं भी नहीं पहनेंगी।

फाइल फैक्ट
फिरोजाबाद में कांच इकाइयां - 200 (चालू हालत में)
खपत होने वाली गैस - 13 लाख घन मीटर
गैस पर 26 प्रतिशत टैक्स से लगभग दो रुपये प्रति घन मीटर की रेट बढ़ जाएगी
प्रति दिन लगभग 26 लाख रुपये का बोझ कांच उद्योग पर पडे़गा

इन आइटमों का होता है उत्पादन
कांच की चूड़ियां, कांच के कडे़, ग्लास, बोतल, जार, लैंप की चिमनी, कैंडल स्टैंड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed