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जीएसटी: ब्रांडेड सामानों की कीमत बढ़ने से बिगड़ेगा रसोई का बजट
Updated Tue, 27 Jun 2017 11:11 PM IST
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फिरोजाबाद। एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू जो जाएगी। इससे गृहणियों की चिंता बढ़ गई है। ब्रांडेड आटा, सूजी, मैदा, चीनी खरीदने पर कोई टैक्स नहीं लगता था। जीएसटी लागू होते ही इन आइटमों पर पांच प्रतिशत कर देना होगा।
वहीं जीएसटी में आम आदमी का ख्याल रखते हुए अधिकांश खाद्य सामग्री पूरी तरह कर मुक्त रखे गए हैं, लेकिन ब्रांडेड खाद्य सामग्री महंगे होने से रसोई के बजट में बढ़ोतरी की उम्मीद है। यही नहीं रसोई गैस भी महंगी हो सकती है। अभी घरेलू गैस पर कर नहीं लगता है। जीएसटी में रसोई गैस और केरोसिन को पांच प्रतिशत के स्लैब में रखा गया है।
जीरो प्रतिशत टैक्स स्लैब में यह खाद्य सामग्री होंगे शामिल : गेहूं, चावल, आटा, मैदा, बेसन, गुड़, नमक।
पांच प्रतिशत टैक्स स्लैब : खाद्य तेल, मसाले, ब्रांडेड आटा, चीनी, चाय, कॉफी, झाडू, साबूदाना, लौंग, दालचीनी, जायफल, केरोसिन तेल, रसोई गैस, दालें
12 प्रतिशत टैक्स स्लैब : घी, मक्खन, ड्राई फ्रूट, अगरबत्ती, टूथ पाउडर
18 प्रतिशत टैक्स स्लैब : हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट, साबुन
28 प्रतिशत टैक्स स्लैब : इंस्टेंट कॉफी, चॉकलेट, परफ्यूम, शैंपू, मेकअप का सामान, डियोड्रेंट, हेयर डाइ पाउडर व क्रीम, सेविंग क्रीम, लिक्विड सोप, डिटरजेंट पाउडर।
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व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ना तय
जीएसटी लागू होने के बाद किराना व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ना तय है। जीएसटी में आने के बाद किराना व्यापारी को भी कर देना होगा। स्टॉक रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा। हर माह तीन रिटर्न दाखिल करने होंगे। बिक्री का 10 तारीख तक, खरीद का 15 तारीख तथा मासिक रिटर्न 20 तारीख तक दाखिल करना होगा।
किराना व्यापारी आलोक आलोक मित्तल ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद ही सही स्थिति का पता चल सकेगा। सीए और अधिवक्ता भी सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। जीएसटी लागू होने से खाद्य पदार्थों पर टैक्स कम होने से कुछ चीजें सस्ती होने का अनुमान है। किराना व्यापारी जीतेश अग्रवाल ने कहा है कि जीएसटी में खुले आइटमाें को भले ही शून्य टैक्स स्लैब में रखा गया है। जीएसटी लागू होने के बाद ब्रांडेड आइटमों पर महंगाई बढ़ जाएगी। ब्रांडेड आइटमों पर पांच प्रतिशत टैक्स लगेगा।
सीए प्रवीन गर्ग ने कहा कि जीएसटी में रसोई से जुड़े सामग्री आटा, मैदा, सूजी, बेसन पर टैक्स नहीं है। रोजमर्रा की अधिकांश चीजें जीरो से पांच प्रतिशत टैक्स स्लैब में रखी गई हैं। अब तक खाद्य आइटमों पर जहां चार से 12 प्रतिशत टैक्स लग रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद रसोई पर कम ही असर पड़ेगा। कुल मिलाकर आम आदमी को फायदा मिलेगा।
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वहीं जीएसटी में आम आदमी का ख्याल रखते हुए अधिकांश खाद्य सामग्री पूरी तरह कर मुक्त रखे गए हैं, लेकिन ब्रांडेड खाद्य सामग्री महंगे होने से रसोई के बजट में बढ़ोतरी की उम्मीद है। यही नहीं रसोई गैस भी महंगी हो सकती है। अभी घरेलू गैस पर कर नहीं लगता है। जीएसटी में रसोई गैस और केरोसिन को पांच प्रतिशत के स्लैब में रखा गया है।
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जीरो प्रतिशत टैक्स स्लैब में यह खाद्य सामग्री होंगे शामिल : गेहूं, चावल, आटा, मैदा, बेसन, गुड़, नमक।
पांच प्रतिशत टैक्स स्लैब : खाद्य तेल, मसाले, ब्रांडेड आटा, चीनी, चाय, कॉफी, झाडू, साबूदाना, लौंग, दालचीनी, जायफल, केरोसिन तेल, रसोई गैस, दालें
12 प्रतिशत टैक्स स्लैब : घी, मक्खन, ड्राई फ्रूट, अगरबत्ती, टूथ पाउडर
18 प्रतिशत टैक्स स्लैब : हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट, साबुन
28 प्रतिशत टैक्स स्लैब : इंस्टेंट कॉफी, चॉकलेट, परफ्यूम, शैंपू, मेकअप का सामान, डियोड्रेंट, हेयर डाइ पाउडर व क्रीम, सेविंग क्रीम, लिक्विड सोप, डिटरजेंट पाउडर।
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व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ना तय
जीएसटी लागू होने के बाद किराना व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ना तय है। जीएसटी में आने के बाद किराना व्यापारी को भी कर देना होगा। स्टॉक रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा। हर माह तीन रिटर्न दाखिल करने होंगे। बिक्री का 10 तारीख तक, खरीद का 15 तारीख तथा मासिक रिटर्न 20 तारीख तक दाखिल करना होगा।
किराना व्यापारी आलोक आलोक मित्तल ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद ही सही स्थिति का पता चल सकेगा। सीए और अधिवक्ता भी सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। जीएसटी लागू होने से खाद्य पदार्थों पर टैक्स कम होने से कुछ चीजें सस्ती होने का अनुमान है। किराना व्यापारी जीतेश अग्रवाल ने कहा है कि जीएसटी में खुले आइटमाें को भले ही शून्य टैक्स स्लैब में रखा गया है। जीएसटी लागू होने के बाद ब्रांडेड आइटमों पर महंगाई बढ़ जाएगी। ब्रांडेड आइटमों पर पांच प्रतिशत टैक्स लगेगा।
सीए प्रवीन गर्ग ने कहा कि जीएसटी में रसोई से जुड़े सामग्री आटा, मैदा, सूजी, बेसन पर टैक्स नहीं है। रोजमर्रा की अधिकांश चीजें जीरो से पांच प्रतिशत टैक्स स्लैब में रखी गई हैं। अब तक खाद्य आइटमों पर जहां चार से 12 प्रतिशत टैक्स लग रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद रसोई पर कम ही असर पड़ेगा। कुल मिलाकर आम आदमी को फायदा मिलेगा।