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आखिर कैसे सुलझेगी बंदरों की मौत की गुत्थी, पोस्टमार्टम के लिए हो रही बहस
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- फोटो : SELF
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वृंदावन (मथुरा)। वार्ड नंबर 70 के गोविंद बाग क्षेत्र में गुरुवार को मृत पाए गए बंदर का पोस्टमार्टम कराने को लेकर पशु चिकित्साधिकारी व वन विभाग के अधिकारी देर शाम तक अपनी-अपनी बातों पर ही अड़े रहे। वहीं पूर्व में लोई बाजार में मृत पाए गए बंदरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत सामान्य तरीके से ही हुई है। चिकित्सक ने जहर देकर मारे जाने से साफ इनकार किया है।
गुरुवार सुबह गोविंद बाग क्षेत्र में बंदर के पड़े होने की सूचना पर पशु अस्पताल के फार्मासिस्ट राजेंद्र प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर बंदर की जांच की और उसे मृत पाया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बंदर को कब्जे में लेकर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दीपेंद्र से पोस्टमार्टम करने को कहा तो उन्होंने भी पूर्व की तरह इस बंदर की डायग्नोसिस के लिए उन्हें इसे वर्ल्ड लाइफ डिवीजन, आईवीआरआई, बरेली ले जाने की सलाह दे दी।
देर शाम तक यहीं बंदर का पोस्टमार्टम किए जाने का दबाव अधिकारियों ने पशु चिकित्साधिकारी पर बनाया। देर शाम चिकित्सक ने फोन बंद कर लिया तो वहीं वन दरोगा ओमप्रकाश शर्मा ने भी फोन उठाना उचित नहीं समझा। शिकायत कर्ता दीपक पाराशर ने अब इस मामले में शासन-प्रशासन से बंदर अभ्यारण बनवाए जाने की मांग की है।
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गुरुवार सुबह गोविंद बाग क्षेत्र में बंदर के पड़े होने की सूचना पर पशु अस्पताल के फार्मासिस्ट राजेंद्र प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर बंदर की जांच की और उसे मृत पाया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बंदर को कब्जे में लेकर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दीपेंद्र से पोस्टमार्टम करने को कहा तो उन्होंने भी पूर्व की तरह इस बंदर की डायग्नोसिस के लिए उन्हें इसे वर्ल्ड लाइफ डिवीजन, आईवीआरआई, बरेली ले जाने की सलाह दे दी।
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देर शाम तक यहीं बंदर का पोस्टमार्टम किए जाने का दबाव अधिकारियों ने पशु चिकित्साधिकारी पर बनाया। देर शाम चिकित्सक ने फोन बंद कर लिया तो वहीं वन दरोगा ओमप्रकाश शर्मा ने भी फोन उठाना उचित नहीं समझा। शिकायत कर्ता दीपक पाराशर ने अब इस मामले में शासन-प्रशासन से बंदर अभ्यारण बनवाए जाने की मांग की है।
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