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मंडी में पहुंचा धान, क्रय केंद्रों पर पड़ा सन्नाटज्ञ
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:14 PM IST
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कासगंज। जनपद में धान की फसल तैयार हो चुकी है। इस के साथ ही बाजार में फसल की आवक भी शुरू हो गई है। किसान को बाजार में सरकारी समर्थन मूल्य से अधिक भाव मिल रहा है। ऐसे में किसानों का रुख धान क्रय केंद्रों की ओर न होकर मंडी की ओर है। किसान क्रय केंद्र पर न आने से एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई है।
जनपद में 14719 हेक्टेयर में धान फसल की बुवाई की गई। इससे 44158 मीट्रिक टन घन के उत्पादन का अनुमान है। किसान ने सबसे अधिक सुगंधा धान का उत्पादन किया है। 12630 हेक्टेयर में धान की फसल उगाई गई है। 36685 मीट्रिक टन धान का उत्पादन होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि कॉमन धान 2069 हेक्टेयर में धान उगाया गया है।
इस धान के 7473 मीट्रिक टन उत्पादन होने की संभावना है। इस बार बाजार के रुख से धान उत्पादक किसान के चेहरे पर चमक ला दी है बाजार में इस समय सुगंधा धान की आवक शुरू हुई है। इस किस्म के धान का समर्थन मूल्य शासन से 1770 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। बाजार में धान 2000 रुपये से लेकर 2700 रुपये क्विंटल के भाव से खरीदा जा रहा है। बाजार में अच्छा भाव मिलने से किसान धान को क्रय केंद्र पर न ले जाकर मंडी में लेकर जा रहा है।
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इससे जनपद में खरीद के लिए बनाए गए सभी 16 क्रय केंद सूने हैं। क्रय केंद्रों पर 4650 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। बाजार के भाव अधिक होने से एजेंसियां भी ंचिंतित हैं कि वे किस तरह से धान का लक्ष्य पूरा करेंगी।
782 किसानों ने कराया है पंजीकरण
कासगंज। जनपद में धान की फसल आने से पहले सरकारी भाव को देखते हुए किसान ने क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री करने के लिए अपनी रुचि भी दिखाई। पिछले वर्ष 610 किसानों ने अपना धान क्रय केंद्रों पर बेचा। वर्तमान वर्ष के लिए 782 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया, लेकिन बाजार भाव अधिक होने से किसान की प्राथमिकता अब बदल गई है।
धान की फसल की आवक शुरू होने के बाद भी अभी तक सरकारी केंद्र पर अभी तक एक भी किसान नहीं आया है। बाजार में अच्छा भाव मिलने से किसान मंडी में धान बेचने को वरीयता दे रहा है।
विजय कुमार शुक्ला, डीआरएमओ
जनपद में 14719 हेक्टेयर में धान फसल की बुवाई की गई। इससे 44158 मीट्रिक टन घन के उत्पादन का अनुमान है। किसान ने सबसे अधिक सुगंधा धान का उत्पादन किया है। 12630 हेक्टेयर में धान की फसल उगाई गई है। 36685 मीट्रिक टन धान का उत्पादन होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि कॉमन धान 2069 हेक्टेयर में धान उगाया गया है।
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इस धान के 7473 मीट्रिक टन उत्पादन होने की संभावना है। इस बार बाजार के रुख से धान उत्पादक किसान के चेहरे पर चमक ला दी है बाजार में इस समय सुगंधा धान की आवक शुरू हुई है। इस किस्म के धान का समर्थन मूल्य शासन से 1770 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। बाजार में धान 2000 रुपये से लेकर 2700 रुपये क्विंटल के भाव से खरीदा जा रहा है। बाजार में अच्छा भाव मिलने से किसान धान को क्रय केंद्र पर न ले जाकर मंडी में लेकर जा रहा है।
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इससे जनपद में खरीद के लिए बनाए गए सभी 16 क्रय केंद सूने हैं। क्रय केंद्रों पर 4650 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। बाजार के भाव अधिक होने से एजेंसियां भी ंचिंतित हैं कि वे किस तरह से धान का लक्ष्य पूरा करेंगी।
782 किसानों ने कराया है पंजीकरण
कासगंज। जनपद में धान की फसल आने से पहले सरकारी भाव को देखते हुए किसान ने क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री करने के लिए अपनी रुचि भी दिखाई। पिछले वर्ष 610 किसानों ने अपना धान क्रय केंद्रों पर बेचा। वर्तमान वर्ष के लिए 782 किसानों ने अपना पंजीकरण कराया, लेकिन बाजार भाव अधिक होने से किसान की प्राथमिकता अब बदल गई है।
धान की फसल की आवक शुरू होने के बाद भी अभी तक सरकारी केंद्र पर अभी तक एक भी किसान नहीं आया है। बाजार में अच्छा भाव मिलने से किसान मंडी में धान बेचने को वरीयता दे रहा है।
विजय कुमार शुक्ला, डीआरएमओ