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प्रशासन ने हटवाईं दुकानें, स्टांप वेंडरों ने काटा हंगामा
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:49 PM IST
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मैनपुरी। कलक्ट्रेट परिसर में बैठने वाले स्टांप वेंडरों पर प्रशासन ने नजरें तिरछी कर दीं। सोमवार रात को वेंडरों के खोखे हटा दिए गए। सुबह जब वेंडरों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने जमकर हंगामा काटा। उन्होंने प्रशासन से उनके खोखे वापस रखवाए जाने की मांग की है। कलक्ट्रेट परिसर में आधा सैकड़ा से अधिक स्टांप वेंडरों के खोखे रखे हुए हैं वे यहां सालों से स्टांप, फॉर्म व अन्य कागजों की बिक्री करते चले आ रहे हैं। आज तक प्रशासन की ओर से उन पर कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन सोमवार को देर शाम प्रशासन ने स्टांप वेंडरों के खोखे हटाने का आदेश दे दिया। रात में ही इन खोखों को हटा दिया गया।
सुबह जब वेंडर कलक्ट्रेट पहुंचे तो उन्हें इस बारे में पता चला। इसके बाद सभी वेंडरों ने एकजुट होकर कलक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर उनके लिए जगह देने की मांग की है। साथ ही वेंडरों ने जगह न मिलने तक हड़ताल का ऐलान भी किया है। ऐसे में कलक्ट्रेट में विभिन्न कार्यों के लिए आने वाले लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा। रसीदी टिकट से लेकर स्टांप, शपथ पत्र आदि के लिए वे भटकते रहे, लेकिन कहीं भी उनका कार्य नहीं हो सका। प्रदर्शन में मुजम्मिल मिर्जा, कमल सिंह राजपूत, सर्वेश राजपूत, संजीव दुबे, राजेंद्र कुमार, मोनू चौहान, सुनील पाल, नूर मियां, दिलीप कुमार, श्याम सिंह, शैलेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
डीएम बोले, दुकान रखी तो माना जाएगा कब्जा
वेंडरों को डीएम ने साफ-साफ कह दिया कि उन्हें दुकान रखने का कोई अधिकार नहीं है। पंजीकृत स्टांप वेंडर कुर्सी-मेज डालकर स्टांप की बिक्री कर सकते हैं। अगर वेंडरों द्वारा परिसर में कोई दुकान रखी गई तो इसे सरकारी भूमि पर कब्जा मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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सुबह जब वेंडर कलक्ट्रेट पहुंचे तो उन्हें इस बारे में पता चला। इसके बाद सभी वेंडरों ने एकजुट होकर कलक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर उनके लिए जगह देने की मांग की है। साथ ही वेंडरों ने जगह न मिलने तक हड़ताल का ऐलान भी किया है। ऐसे में कलक्ट्रेट में विभिन्न कार्यों के लिए आने वाले लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा। रसीदी टिकट से लेकर स्टांप, शपथ पत्र आदि के लिए वे भटकते रहे, लेकिन कहीं भी उनका कार्य नहीं हो सका। प्रदर्शन में मुजम्मिल मिर्जा, कमल सिंह राजपूत, सर्वेश राजपूत, संजीव दुबे, राजेंद्र कुमार, मोनू चौहान, सुनील पाल, नूर मियां, दिलीप कुमार, श्याम सिंह, शैलेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
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डीएम बोले, दुकान रखी तो माना जाएगा कब्जा
वेंडरों को डीएम ने साफ-साफ कह दिया कि उन्हें दुकान रखने का कोई अधिकार नहीं है। पंजीकृत स्टांप वेंडर कुर्सी-मेज डालकर स्टांप की बिक्री कर सकते हैं। अगर वेंडरों द्वारा परिसर में कोई दुकान रखी गई तो इसे सरकारी भूमि पर कब्जा मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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