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बार की अंतर्कलह, आमरण अनशन पर बैठे सचिव
Updated Wed, 26 Sep 2018 08:32 PM IST
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मथुरा। अधिवक्ताओं के टूर पर जाने को लेकर शुरू हुई अंतर्कलह अब खुलकर सामने आ गई है। बार के सचिव ने अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। वह बार कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। वहीं अध्यक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताया।
प्रति वर्ष अधिवक्तागण टूर पर जाते हैं। इस दफा सचिव राजकुमार उपाध्याय और अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा इस टूर को लेकर एक मत नहीं हो सके। लिहाजा सचिव अपने टूर को लेकर काठमांडू तो अध्यक्ष टूर को लेकर रामेश्वरम चले गए। यहीं से शुरू हुआ आपसी विवाद। बुधवार को सचिव राज कुमार उपाध्याय बार कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए।
उनका आरोप था अध्यक्ष द्वारा बार एसोसिएशन के खाते से गलत तरीके से दस लाख रुपये निकाले गए हैं, जबकि अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा एक्जीक्यूटिव तथा बार की साधारण सभा की सहमति से यह धनराशि टूर के लिए निकाली थी और इस टूर मेें बार के सचिव भी गए थे। वह मुझ पर अपने निजी टूर का भुगतान करने को दबाव डाल रहे हैं। पूरे विवाद से बार एसोसिएशन तथा अधिवक्ताओं में उथल-पुथल मची रही।
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बताया जाता है कि सांय करीब पांच बजे वरिष्ठ अधिवक्ता नंद किशोर उपमन्यु ने मामले की मध्यस्थता कर आमरण अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया। सचिव ने बताया कि उनका अनशन मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा। वहीं अध्यक्ष सचिव के आरोपों को निराधार बताया है।
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प्रति वर्ष अधिवक्तागण टूर पर जाते हैं। इस दफा सचिव राजकुमार उपाध्याय और अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा इस टूर को लेकर एक मत नहीं हो सके। लिहाजा सचिव अपने टूर को लेकर काठमांडू तो अध्यक्ष टूर को लेकर रामेश्वरम चले गए। यहीं से शुरू हुआ आपसी विवाद। बुधवार को सचिव राज कुमार उपाध्याय बार कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए।
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उनका आरोप था अध्यक्ष द्वारा बार एसोसिएशन के खाते से गलत तरीके से दस लाख रुपये निकाले गए हैं, जबकि अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा एक्जीक्यूटिव तथा बार की साधारण सभा की सहमति से यह धनराशि टूर के लिए निकाली थी और इस टूर मेें बार के सचिव भी गए थे। वह मुझ पर अपने निजी टूर का भुगतान करने को दबाव डाल रहे हैं। पूरे विवाद से बार एसोसिएशन तथा अधिवक्ताओं में उथल-पुथल मची रही।
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बताया जाता है कि सांय करीब पांच बजे वरिष्ठ अधिवक्ता नंद किशोर उपमन्यु ने मामले की मध्यस्थता कर आमरण अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया। सचिव ने बताया कि उनका अनशन मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा। वहीं अध्यक्ष सचिव के आरोपों को निराधार बताया है।