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कानून की जानकारी से ही रोक सकते हैं उत्पीड़न
Updated Sat, 25 Aug 2018 11:20 PM IST
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मैनपुरी। कानून की जानकारी होने से ही आम आदमी उत्पीड़न से बच सकता है। कानून की जानकारी नहीं होने से लोग आए दिन उत्पीड़न का शिकार होते हैं। विधिक शिविरों के माध्यम से आम आदमी को जागरूक किया जाता है। यह बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अवनीश गौतम ने कहीं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शनिवार को आरसी बालिका इंटर कॉलेज में लगाए गए विधिक साक्षरता शिविर में प्राधिकरण के सचिव अवनीश गौतम ने कहा महिलाएं कानूनी जानकारी से अभी भी वंचित हैं।
महिलाओं के लिए बने कानूनों की जानकारी तक महिलाओं को नहीं है। महिलाओं को जागरूक करने तथा आम आदमी को कानून की जानकारी उसके द्वार पर पहुंचकर प्राधिकरण द्वारा दी जाती है। एएसपी ओपी सिंह ने कहा कि बालिकाएं अपने आप को असुरक्षित न समझें। किसी भी उत्पीड़न की शिकायत तत्काल पुलिस से करें। बालिकाओं के हित में भी तमाम कानून हैं। बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा ने कहा कि बाल श्रम, बाल विवाह दोनों अपराध हैं। जानकारी के अभाव में बाल श्रम और बाल विवाह लोग करते और कराते हैं।
दोनों में सजा का प्रावधान है। नायब तहसीलदार अनुभव चंद्रा ने कहा श्रम करने पर श्रमिक को उचित मजदूरी मिलनी चाहिए। अगर श्रमिक को मजदूरी नहीं मिलती है तो वह कानूनी मदद से मजदूरी ले सकता है। नि:शुल्क अधिवक्ता सुनील यादव ने कहा कि अगर पुलिस रिपोर्ट नहीं लिखती है तो कोर्ट से धारा 156 (3) के तहत लिखाई जा सकती है। प्रधानाचार्या प्रभा कुमारी, अभिलाषा, दिव्या सिंह, आभा सिंह, कुंती, संगीता सिंह, श्वेता, आराधना शर्मा, अवनींद्र प्रताप सिंह, पैरालीगल वॉलंटियर संजय यादव, सुशील, रामरतन, सुरेंद्र कुमार यादव मौजूद रहे।
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महिलाओं के लिए बने कानूनों की जानकारी तक महिलाओं को नहीं है। महिलाओं को जागरूक करने तथा आम आदमी को कानून की जानकारी उसके द्वार पर पहुंचकर प्राधिकरण द्वारा दी जाती है। एएसपी ओपी सिंह ने कहा कि बालिकाएं अपने आप को असुरक्षित न समझें। किसी भी उत्पीड़न की शिकायत तत्काल पुलिस से करें। बालिकाओं के हित में भी तमाम कानून हैं। बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा ने कहा कि बाल श्रम, बाल विवाह दोनों अपराध हैं। जानकारी के अभाव में बाल श्रम और बाल विवाह लोग करते और कराते हैं।
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दोनों में सजा का प्रावधान है। नायब तहसीलदार अनुभव चंद्रा ने कहा श्रम करने पर श्रमिक को उचित मजदूरी मिलनी चाहिए। अगर श्रमिक को मजदूरी नहीं मिलती है तो वह कानूनी मदद से मजदूरी ले सकता है। नि:शुल्क अधिवक्ता सुनील यादव ने कहा कि अगर पुलिस रिपोर्ट नहीं लिखती है तो कोर्ट से धारा 156 (3) के तहत लिखाई जा सकती है। प्रधानाचार्या प्रभा कुमारी, अभिलाषा, दिव्या सिंह, आभा सिंह, कुंती, संगीता सिंह, श्वेता, आराधना शर्मा, अवनींद्र प्रताप सिंह, पैरालीगल वॉलंटियर संजय यादव, सुशील, रामरतन, सुरेंद्र कुमार यादव मौजूद रहे।
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