{"_id":"5ace15654f1c1bd53d8b48c7","slug":"111523455333-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीओ, सिटी मजिस्ट्रेट को देना होगा वकालतनामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीओ, सिटी मजिस्ट्रेट को देना होगा वकालतनामा
Updated Wed, 11 Apr 2018 07:43 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
मथुरा। ठाकुर बांके बिहारी जी के दर्शनों की समय सीमा बढ़ाए जाने के मामले में कोर्ट ने याची सीओ सदर और सिटी मजिस्ट्रेट को वकालतनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। एक प्रार्थना पत्र की सुनवाई पर उन्होंने यह आदेश दिया है।
ठाकुर बांके बिहारी जी के दर्शनों की समय सीमा बढ़ाने का विरोध कर रहे सेवायत एडवोकेट गौरव गोस्वामी ने इस मामले में सिविल जज जूनियर डिवीजन से प्रार्थना की थी कि सीओ सदर विजय शंकर मिश्रा और सिटी मजिस्ट्रेट बसंत लाल अग्रवाल को यह केस सरकारी तौर पर लड़ने का अधिकार नहीं है। उन्होने प्रार्थना की थी कि इस आधार पर मुकदमा खारिज किया जाना चाहिए। उनकी प्रार्थना पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों को वकालत नामा और कोर्ट फीस दाखिल करने का आदेश दिया है।
जानकारी रहे दोनों अधिकारियों की ओर से डीजीसी सिविल बद्री प्रसाद सिंह केस लड़ रहे थे। बद्री प्रसाद सिंह का कहना है कि वह सरकारी और प्राइवेट दोनों रूप में केस लड़ रहे थे। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को वकालतनामा और कोर्ट फीस दाखिल करने का आदेश दिया है। वहीं बिहारी जी के सेवायत गौरव गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने केस को खारिज करने की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठाकुर बांके बिहारी जी के दर्शनों की समय सीमा बढ़ाने का विरोध कर रहे सेवायत एडवोकेट गौरव गोस्वामी ने इस मामले में सिविल जज जूनियर डिवीजन से प्रार्थना की थी कि सीओ सदर विजय शंकर मिश्रा और सिटी मजिस्ट्रेट बसंत लाल अग्रवाल को यह केस सरकारी तौर पर लड़ने का अधिकार नहीं है। उन्होने प्रार्थना की थी कि इस आधार पर मुकदमा खारिज किया जाना चाहिए। उनकी प्रार्थना पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों को वकालत नामा और कोर्ट फीस दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
जानकारी रहे दोनों अधिकारियों की ओर से डीजीसी सिविल बद्री प्रसाद सिंह केस लड़ रहे थे। बद्री प्रसाद सिंह का कहना है कि वह सरकारी और प्राइवेट दोनों रूप में केस लड़ रहे थे। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को वकालतनामा और कोर्ट फीस दाखिल करने का आदेश दिया है। वहीं बिहारी जी के सेवायत गौरव गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने केस को खारिज करने की मांग की थी।
विज्ञापन