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किशनी के गमा देवी मंदिर की हैं ऐतिहासिक मान्यताएं
Updated Fri, 23 Mar 2018 11:36 PM IST
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किशनी। नगर का गमा देवी मंदिर सदियों से भक्तों की आस्था का केंद्र रहा है। सुबह तीन बजे से ही मंदिर के घंटों के आवाज से लोगों की नींद खुलती है।
नगर के सदर बाजार में बना प्राचीन गमा देवी का मंदिर सदियों से लोगों की आस्था का प्रतीक है। सुबह 3 बजे से महिलाएं मंदिर पर पूजा करने के लिए पहुंचती हैं, जिनके बजाए घंटों से लोगों को सुबह होने का अहसास होता है।
मंदिर में गमा देवी के अलावा भुवनेश्वरी माता, दुर्गा माता की भी मूर्तियां रखी हैं। मंदिर के सामने रहने वाले श्रवण कुमार सक्सेना बताते हैं कि उनके दिन की शुरुआत पूजा के साथ होती है।
नवरात्र में इस मंदिर में भक्तों की लंबी लाइन लगती है। नगर के लोगों का मानना है कि इस मंदिर को किशनी के ऑनरेरी मजिस्ट्रेट रहे रायबहादुर कुंवर छेदा सिंह के पूर्वजों ने बनवाया था। नवरात्र पर इस मंदिर में महाआरती होती है। इसके बाद नवमी पर मंदिर पर विशाल हवन का आयोजन होता है।
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नगर के सदर बाजार में बना प्राचीन गमा देवी का मंदिर सदियों से लोगों की आस्था का प्रतीक है। सुबह 3 बजे से महिलाएं मंदिर पर पूजा करने के लिए पहुंचती हैं, जिनके बजाए घंटों से लोगों को सुबह होने का अहसास होता है।
मंदिर में गमा देवी के अलावा भुवनेश्वरी माता, दुर्गा माता की भी मूर्तियां रखी हैं। मंदिर के सामने रहने वाले श्रवण कुमार सक्सेना बताते हैं कि उनके दिन की शुरुआत पूजा के साथ होती है।
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नवरात्र में इस मंदिर में भक्तों की लंबी लाइन लगती है। नगर के लोगों का मानना है कि इस मंदिर को किशनी के ऑनरेरी मजिस्ट्रेट रहे रायबहादुर कुंवर छेदा सिंह के पूर्वजों ने बनवाया था। नवरात्र पर इस मंदिर में महाआरती होती है। इसके बाद नवमी पर मंदिर पर विशाल हवन का आयोजन होता है।
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