{"_id":"5a819f7f4f1c1b28428b4d8c","slug":"111518444415-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेतों में बिछ गई गेहूं और सरसों की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेतों में बिछ गई गेहूं और सरसों की फसल
Updated Mon, 12 Feb 2018 08:02 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। ओलावृष्टि के साथ हुई बरसात ने फसलों को चौपट कर दिया है। गेहूं और सरसों की फसल खेतों में बिछ गई है। खेत में नमी हो जाने से आलू सड़ने की संभावना बढ़ गई है। कृषि विभाग का कहना है कि सरसों को 15 फीसदी और आलू को दस फीसदी का नुकसान हुआ है।
दरअसल रविवार की शाम से रात तक तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल कई जगह खेतों में बिछ गई है। सबसे ज्यादा प्रभाव अगैती गेहूं को है। मांट में सबसे ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। नौहझील, बाजना, सुरीर, गोवर्धन और राधाकुंड की तरफ भी गेहूं को नुकसान है। सबसे ज्यादा नुकसान सरसों को हुआ है। सरसों के पौधे के फूल झड़ गए हैं। फली भी टूट गई है।
जिला कृषि अधिकारी यतेंद्र सिंह का कहना है कि सरसों को पंद्रह फीसदी का नुकसान हुआ है। आलू इस समय खोदाई के लिए तैयार है। खेत में नमी हो जाने के कारण आलू का रंग बदल जाएगा। जिन खेतों में पानी भर गया होगा वह सड़ जाएगा।
विज्ञापन
मथुरा में बलदेव, राया और फरह में आलू को सबसे ज्यादा क्षति है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर आगे भी बरसात होती है तो नुकसान अधिक होगा। क्योंकि अगर मौसम साफ हो जाता है तो जो गेहूं बिछ गया है वह खड़ा हो जाएगा। अगर आगे भी बरसात हो जाएगी तो गेहूं उठ नहीं सकेगा।
सरसों में 15 फीसदी का नुकसान
आलू में 10 फीसदी का नुकसान
विज्ञापन
दरअसल रविवार की शाम से रात तक तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल कई जगह खेतों में बिछ गई है। सबसे ज्यादा प्रभाव अगैती गेहूं को है। मांट में सबसे ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। नौहझील, बाजना, सुरीर, गोवर्धन और राधाकुंड की तरफ भी गेहूं को नुकसान है। सबसे ज्यादा नुकसान सरसों को हुआ है। सरसों के पौधे के फूल झड़ गए हैं। फली भी टूट गई है।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी यतेंद्र सिंह का कहना है कि सरसों को पंद्रह फीसदी का नुकसान हुआ है। आलू इस समय खोदाई के लिए तैयार है। खेत में नमी हो जाने के कारण आलू का रंग बदल जाएगा। जिन खेतों में पानी भर गया होगा वह सड़ जाएगा।
विज्ञापन
मथुरा में बलदेव, राया और फरह में आलू को सबसे ज्यादा क्षति है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर आगे भी बरसात होती है तो नुकसान अधिक होगा। क्योंकि अगर मौसम साफ हो जाता है तो जो गेहूं बिछ गया है वह खड़ा हो जाएगा। अगर आगे भी बरसात हो जाएगी तो गेहूं उठ नहीं सकेगा।
सरसों में 15 फीसदी का नुकसान
आलू में 10 फीसदी का नुकसान