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दस घंटे के बाद हुआ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पत्नी का अंतिम संस्कार
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:17 PM IST
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Freedom fighter
- फोटो : amar ujala
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एटा(जलेसर)। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की 100 वर्षीय पत्नी को अंतिम संस्कार के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। जहां ग्राम समाज की जमीन पर परिवारीजन अंतिम संस्कार कर रहे थे। उसे गांव के ही दो लोगों ने अपनी निजी जमीन बता दिया।
इसको लेकर मामला थोड़ी देर के लिए गर्मा गया। मगर जब एसडीएम जलेसर विजय कुमार और सीओ मौके पर पहुंचे तो उन्होंने दोनों पक्षों को समझाबुझाकर मामला शांत कराते हुए अंतिम संस्कार कराया।
शुक्रवार को तहसील क्षेत्र के गांव नगला भिखारी निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. ठाकुर शैतान सिंह की पत्नी 100 वर्षीय मानदेवी का निधन हो गया था। मानदेवी की अंत्येष्टि दाह संस्कार को परिवारीजन ग्राम समाज की भूूमि पर करना चाहते थे।
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लेकिन गांव के ठाकुर भूपेंद्र सिंह, पप्पू व सतेंद्र संबंधित भूमि को अपनी बताकर उस पर अंत्येष्टि नहीं करने दे रहे थे। इसी को लेकर मृतका की अंत्येष्टि दस घंटे तक नहीं हो सकी। सम्मान के साथ अंत्येष्टि कराने के लिये मौके पर पहुंचे तहसीलदार विजय कुमार छत्रपति असहाय नजर आए।
मामले की नजाकत को द्रष्टिगत देर शाम उपजिलाधिकारी विजय कुमार एवं क्षेत्राधिकारी एमपी सलोनिया भी गांव पहुंचे। जहां दोनाें पक्षाें को समझाबुझा कर मामला शांत किया। देर शाम स्वतंत्रता ग्राम सेनानी की पत्नी मानदेवी का अंतिम संस्कार हो सका। अंत्येष्टि के बाद उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों के समक्ष घोषणा की कि विवादित स्थल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की याद में स्मृति पार्क बनाया जाएगा।
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इसको लेकर मामला थोड़ी देर के लिए गर्मा गया। मगर जब एसडीएम जलेसर विजय कुमार और सीओ मौके पर पहुंचे तो उन्होंने दोनों पक्षों को समझाबुझाकर मामला शांत कराते हुए अंतिम संस्कार कराया।
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शुक्रवार को तहसील क्षेत्र के गांव नगला भिखारी निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. ठाकुर शैतान सिंह की पत्नी 100 वर्षीय मानदेवी का निधन हो गया था। मानदेवी की अंत्येष्टि दाह संस्कार को परिवारीजन ग्राम समाज की भूूमि पर करना चाहते थे।
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लेकिन गांव के ठाकुर भूपेंद्र सिंह, पप्पू व सतेंद्र संबंधित भूमि को अपनी बताकर उस पर अंत्येष्टि नहीं करने दे रहे थे। इसी को लेकर मृतका की अंत्येष्टि दस घंटे तक नहीं हो सकी। सम्मान के साथ अंत्येष्टि कराने के लिये मौके पर पहुंचे तहसीलदार विजय कुमार छत्रपति असहाय नजर आए।
मामले की नजाकत को द्रष्टिगत देर शाम उपजिलाधिकारी विजय कुमार एवं क्षेत्राधिकारी एमपी सलोनिया भी गांव पहुंचे। जहां दोनाें पक्षाें को समझाबुझा कर मामला शांत किया। देर शाम स्वतंत्रता ग्राम सेनानी की पत्नी मानदेवी का अंतिम संस्कार हो सका। अंत्येष्टि के बाद उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों के समक्ष घोषणा की कि विवादित स्थल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की याद में स्मृति पार्क बनाया जाएगा।