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अगस्त में भी किताब-यूनिफार्म से वंचित विद्यार्थी
Updated Thu, 03 Aug 2017 08:26 PM IST
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आगरा। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शैक्षणिक सत्र अप्रैल से चल रहा है। अभी तक विद्यार्थी किताब और यूनिफार्म से वंचित हैं। विभागीय आंकड़े के मुताबिक 10 फीसदी किताबें अभी प्रकाशकों ने ही उपलब्ध नहीं कराई है। 30 फीसदी यूनिफार्म का वितरण बाकी है।
नि:शुल्क किताबाें और यूनिफार्म वितरण के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई थी। बड़ी संख्या में किताबें इस हफ्ते जिले में भेजी गईं। अभी यह स्कूलों तक नहीं पहुंची हैं। विद्यार्थियों में एकरूपता नहीं दिख रही है, कुछ विद्यार्थी नए तो कुछ पुराने यूनिफार्म में ही स्कूल पहुंच रहे हैं। बीएसए अर्चना गुप्ता का कहना है कि प्रकाशकों ने देरी से किताबें उपलब्ध कराईं। कई बार नोटिस जारी किया गया। उच्च अधिकारियाें को सूचित भी कर दिया गया है। जिले में जो भी किताबें मिलीं हैं, उन्हें ब्लॉकों में भेज दिया गया है। ब्लॉक में किताबें तत्काल स्कूलों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यूनिफार्म का वितरण जल्द पूरा कराया जाएगा।
ये किताबें विद्यालय तक नहीं पहुंच पाई हैं
प्रधानाध्यापकों के मुताबिक स्कूलों में कक्षा पांच की संस्कृत पियूषम, रेनबो, परख, कक्षा चार में हमारा परिवेश, संस्कृत पियूषम, परख, कक्षा तीन में रेनबो, गिनतारा, हमारा परिवेश, कक्षा दो में कलरव और गिनतारा, कक्षा छह में सारी किताबें पहुंच गई हैं, कक्षा सात और आठ की अधिकतर किताबें नहीं मिली हैं। इसमें कुछ किताबें ब्लॉकों में तो पहुंच गई हैं, लेकिन अभी विद्यालय नहीं पहुंचीं हैं।
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बैग एक भी नहीं बांटा गया
परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकाें के साथ नि:शुल्क बैग भी वितरित किया जाना है। जिले स्तर पर बैग खरीदने के लिए क्रय आदेश जारी कर दिया गया है। पर अभी तक बैग उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
जूते-मोजे भी दिए जाएंगे, संख्या मांगी
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म में जूते और मोजे भी दिए जाने हैं। इसके लिए सभी स्कूलों से वर्तमान छात्र संख्या मांगी गई है। बीएसए का कहना है कि संख्या प्राप्त होते ही प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।
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नि:शुल्क किताबाें और यूनिफार्म वितरण के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई थी। बड़ी संख्या में किताबें इस हफ्ते जिले में भेजी गईं। अभी यह स्कूलों तक नहीं पहुंची हैं। विद्यार्थियों में एकरूपता नहीं दिख रही है, कुछ विद्यार्थी नए तो कुछ पुराने यूनिफार्म में ही स्कूल पहुंच रहे हैं। बीएसए अर्चना गुप्ता का कहना है कि प्रकाशकों ने देरी से किताबें उपलब्ध कराईं। कई बार नोटिस जारी किया गया। उच्च अधिकारियाें को सूचित भी कर दिया गया है। जिले में जो भी किताबें मिलीं हैं, उन्हें ब्लॉकों में भेज दिया गया है। ब्लॉक में किताबें तत्काल स्कूलों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यूनिफार्म का वितरण जल्द पूरा कराया जाएगा।
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ये किताबें विद्यालय तक नहीं पहुंच पाई हैं
प्रधानाध्यापकों के मुताबिक स्कूलों में कक्षा पांच की संस्कृत पियूषम, रेनबो, परख, कक्षा चार में हमारा परिवेश, संस्कृत पियूषम, परख, कक्षा तीन में रेनबो, गिनतारा, हमारा परिवेश, कक्षा दो में कलरव और गिनतारा, कक्षा छह में सारी किताबें पहुंच गई हैं, कक्षा सात और आठ की अधिकतर किताबें नहीं मिली हैं। इसमें कुछ किताबें ब्लॉकों में तो पहुंच गई हैं, लेकिन अभी विद्यालय नहीं पहुंचीं हैं।
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बैग एक भी नहीं बांटा गया
परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकाें के साथ नि:शुल्क बैग भी वितरित किया जाना है। जिले स्तर पर बैग खरीदने के लिए क्रय आदेश जारी कर दिया गया है। पर अभी तक बैग उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
जूते-मोजे भी दिए जाएंगे, संख्या मांगी
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म में जूते और मोजे भी दिए जाने हैं। इसके लिए सभी स्कूलों से वर्तमान छात्र संख्या मांगी गई है। बीएसए का कहना है कि संख्या प्राप्त होते ही प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।