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मेहोल बांध कटा, ग्रामीण चिंतित
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:14 PM IST
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मेहोल बांध में हुआ कटान।
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कासगंज/पटियाली।
गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के चलते पटियाली का मेहोल बांध फिर से कट गया। बांध कटने से बांध के आसपास का काफी इलाका जलमग्न हो गया है। अभी पानी का प्रवाह गंगा की खादर में ही बना हुआ है। खेत खलियानों तक भी बांध के पानी की दस्तक पहुंचने लगी है। ेगांव के लोग पूरी रात बांध के कटान की निगरानी करते रहे।
बांध में कई दिन से कटान हो रहा था, लेकिन पानी अधिक होने के कारण सिंचाई विभाग पानी को नहीं रोक पा रहा था। रविवार रात बांध कट ही गया। ग्रामीण रात के समय बांध की निगरानी कर रहे थे। रात के समय में ही ग्रामीणों को यह अंदेशा होने लगा कहीं बांध का पानी गांव की आबादी में न आ जाए। यदि आबादी में पानी आया तो वे कहां जाएंगे।
पूरी रात ग्रामीण बांध की निगरानी करते रहे। राजस्व निरीक्षक भी रात के समय मौके पर पहुंच गए। जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को भी मामले की सूचना दी गई। सिंचाई विभाग को भी सूचित किया लेकिन रात के समय में कोई कटानरोधी कार्य नहीं हो सका। पूरी रात बांध कटता रहा। बांध में अब इतना कटान हो गया कि वह अब मरम्मत के योग्य भी नहीं रहा। बांध कट जाने के कारण पानी खादर के हिस्सों में भरने लगा है। यहां चारागाह पानी से भर गए हैं और समीपवर्ती क्षेत्र के खेत खलियानों की ओर भी पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों को सबसे ज्यादा चिंता आबादी के इलाके में पानी के घुसने को लेकर है।
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कादरगंज के असलम खान ने बताया कि बांध में कई दिनों से कटान चल रहा था। जिसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी थी, लेकिन कुछ नहीं हो सका। मेहोला के ग्रामीण सरबन सिंह ने बताया कि बांध के कट जाने से काफी खतरे के हालात बन गए हैं। असदगढ़ बांध को भी खतरा पैदा हो गया है। यदि पानी का दबाव और बड़ा तो कभी भी स्थिति खतरनाक हो सकती है। ग्रामीण रामपाल ने बताया कि पूरी रात ग्रामीणों ने जाग कर काटी है और अभी और पता नहीं कितने दिन परेशान रहना पड़ेगा। जब तक गंगा नहीं लौटेगी तब तक समस्या बनी रहेगी। अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने राजस्व टीम के साथ मेहोल बांध का निरीक्षण किया।
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गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के चलते पटियाली का मेहोल बांध फिर से कट गया। बांध कटने से बांध के आसपास का काफी इलाका जलमग्न हो गया है। अभी पानी का प्रवाह गंगा की खादर में ही बना हुआ है। खेत खलियानों तक भी बांध के पानी की दस्तक पहुंचने लगी है। ेगांव के लोग पूरी रात बांध के कटान की निगरानी करते रहे।
बांध में कई दिन से कटान हो रहा था, लेकिन पानी अधिक होने के कारण सिंचाई विभाग पानी को नहीं रोक पा रहा था। रविवार रात बांध कट ही गया। ग्रामीण रात के समय बांध की निगरानी कर रहे थे। रात के समय में ही ग्रामीणों को यह अंदेशा होने लगा कहीं बांध का पानी गांव की आबादी में न आ जाए। यदि आबादी में पानी आया तो वे कहां जाएंगे।
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पूरी रात ग्रामीण बांध की निगरानी करते रहे। राजस्व निरीक्षक भी रात के समय मौके पर पहुंच गए। जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को भी मामले की सूचना दी गई। सिंचाई विभाग को भी सूचित किया लेकिन रात के समय में कोई कटानरोधी कार्य नहीं हो सका। पूरी रात बांध कटता रहा। बांध में अब इतना कटान हो गया कि वह अब मरम्मत के योग्य भी नहीं रहा। बांध कट जाने के कारण पानी खादर के हिस्सों में भरने लगा है। यहां चारागाह पानी से भर गए हैं और समीपवर्ती क्षेत्र के खेत खलियानों की ओर भी पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों को सबसे ज्यादा चिंता आबादी के इलाके में पानी के घुसने को लेकर है।
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कादरगंज के असलम खान ने बताया कि बांध में कई दिनों से कटान चल रहा था। जिसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी थी, लेकिन कुछ नहीं हो सका। मेहोला के ग्रामीण सरबन सिंह ने बताया कि बांध के कट जाने से काफी खतरे के हालात बन गए हैं। असदगढ़ बांध को भी खतरा पैदा हो गया है। यदि पानी का दबाव और बड़ा तो कभी भी स्थिति खतरनाक हो सकती है। ग्रामीण रामपाल ने बताया कि पूरी रात ग्रामीणों ने जाग कर काटी है और अभी और पता नहीं कितने दिन परेशान रहना पड़ेगा। जब तक गंगा नहीं लौटेगी तब तक समस्या बनी रहेगी। अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने राजस्व टीम के साथ मेहोल बांध का निरीक्षण किया।