{"_id":"59778a424f1c1bfe588b47e5","slug":"111501006402-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जीवाड़े में फंसे तीन स्वास्थ्य कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जीवाड़े में फंसे तीन स्वास्थ्य कर्मी
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल का भवन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग में एक बार फिर फर्जी नियुक्तियों का मामला सामने आया है। शासन से की गई शिकायत पर सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल में तैनात तीन स्वास्थ्य कर्मियों को मेरठ तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि आठ वर्ष पूर्व जिले में बडे़ पैमाने पर स्वास्थ्य विभाग में भर्तियां की गई थीं। भर्तियों को लेकर काफी विवाद भी हुआ था। शासन तक शिकायतें की गईं थी। अब
शहर के राजा का बाग निवासी सुरजीत सिंह ने शासन को सात जुलाई 2017 को पत्र भेजकर शिकायत की कि स्वास्थ्य विभाग में जीडी वर्मा, विनय यादव और शिवराज सिंह फर्जी तरीके से लिपिक के पद कार्य कर रहे हैं। शिकायत पर गौर करते हुए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य-परिवार कल्याण ने सीएमओ डा. शरद वर्मा और सीएमएस डा. एके उपाध्याय से तीनों लिपिकों का ब्यौरा तलब किया है।
विज्ञापन
सीएमओ और सीएमएस को निर्देश दिया है कि वे अपने एक-एक पत्रवाहकों के साथ विभाग में मौजूद इनके ब्यौरा मेरठ भेजें। जिले में स्वास्थ्य विभाग में हुईं 11 नियुक्तियों पर शासन ने रोक लगा दी है। इनकी भी गोपनीय शिकायत शासन से की गई है। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कुछ साल पहले भी यह मामला प्रकाश में आया था। मामले ने तूल पकड़ा था तो कुछ को निलंबित भी कर दिया गया था। उसके बाद जुगाड़ ने मामले को ठंडा कर दिया।
सीएमएसए डॉ. एके उपाध्याय का कहना है कि 25 जुलाई को जिला चिकित्सालय से एक पत्रवाहक के साथ तीनों कर्मचारियों के मूल अभिलेखों के साथ नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज लेकर मेरठ भेजा गया है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि आठ वर्ष पूर्व जिले में बडे़ पैमाने पर स्वास्थ्य विभाग में भर्तियां की गई थीं। भर्तियों को लेकर काफी विवाद भी हुआ था। शासन तक शिकायतें की गईं थी। अब
विज्ञापन
शहर के राजा का बाग निवासी सुरजीत सिंह ने शासन को सात जुलाई 2017 को पत्र भेजकर शिकायत की कि स्वास्थ्य विभाग में जीडी वर्मा, विनय यादव और शिवराज सिंह फर्जी तरीके से लिपिक के पद कार्य कर रहे हैं। शिकायत पर गौर करते हुए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य-परिवार कल्याण ने सीएमओ डा. शरद वर्मा और सीएमएस डा. एके उपाध्याय से तीनों लिपिकों का ब्यौरा तलब किया है।
विज्ञापन
सीएमओ और सीएमएस को निर्देश दिया है कि वे अपने एक-एक पत्रवाहकों के साथ विभाग में मौजूद इनके ब्यौरा मेरठ भेजें। जिले में स्वास्थ्य विभाग में हुईं 11 नियुक्तियों पर शासन ने रोक लगा दी है। इनकी भी गोपनीय शिकायत शासन से की गई है। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कुछ साल पहले भी यह मामला प्रकाश में आया था। मामले ने तूल पकड़ा था तो कुछ को निलंबित भी कर दिया गया था। उसके बाद जुगाड़ ने मामले को ठंडा कर दिया।
सीएमएसए डॉ. एके उपाध्याय का कहना है कि 25 जुलाई को जिला चिकित्सालय से एक पत्रवाहक के साथ तीनों कर्मचारियों के मूल अभिलेखों के साथ नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज लेकर मेरठ भेजा गया है।