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आवास और शौचालय के लिए भटक रहे दिव्यांग
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:35 PM IST
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मैनपुरी। जिले में आवास और शौचालय पाने के लिए दिव्यांग भटक रहे हैं। राशनकार्ड बनवाने में भी उनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन के धरना प्रदर्शन के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है।
दिव्यांगों का कहना है कि कई बार मांग करने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। दिव्यांग संजू सिंह का कहना है दिव्यांगों को भी वरीयता के आधार पर आवास दिए जाने चाहिए। मगर कर्मचारियों की मनमानी के कारण दिव्यांग कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। दिव्यांग अशोक दुबे का कहना है शासन की वरीयता शौचालय हैं मगर दिव्यांगों को मांग के बाद भी शौचालय नहीं दिए जा रहे हैं। शौचालय के आवेदन पत्र कार्यालयों में धूल फांक रहे हैं। दिव्यांग किशोरी देवी का कहना है राशनकार्ड बनवाने के लिए आवेदन करने केे बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
योजना लाभार्थी
पेंशन 11766
ट्राई साइकिल 125
व्हील चेयर 11
बैसाखी 25
शादी अनुदान 18
खोखा योजना 20
पोलियो सर्जरी 51
दिव्यांग कल्याण समिति के अध्यक्ष कुमोद श्रीवास्तव का कहना है कि दिव्यांगों के साथ सरकारी कार्यालयों में उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जाता है। अधिकांश सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगों के लिए रैंप तक नहीं बनाए गए हैं। दिव्यांगों के धरना प्रदर्शन के बाद भी अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। हर बार डीएम के आश्वासन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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प्रभारी विकलांग जन विकास अधिकारी यश वर्मा का कहना है कि दिव्यांग पेंशन में पात्रों को 4.23 करोड़ रुपया, उपकरण में 8.10 लाख, शादी अनुदान में 3.40 लाख और स्व रोजगार में खोखा योजना में दो लाख रुपये का अनुदान दिया है। लाभार्थियों को पात्रता के आधार पर लाभ दिया जा रहा है।
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दिव्यांगों का कहना है कि कई बार मांग करने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। दिव्यांग संजू सिंह का कहना है दिव्यांगों को भी वरीयता के आधार पर आवास दिए जाने चाहिए। मगर कर्मचारियों की मनमानी के कारण दिव्यांग कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। दिव्यांग अशोक दुबे का कहना है शासन की वरीयता शौचालय हैं मगर दिव्यांगों को मांग के बाद भी शौचालय नहीं दिए जा रहे हैं। शौचालय के आवेदन पत्र कार्यालयों में धूल फांक रहे हैं। दिव्यांग किशोरी देवी का कहना है राशनकार्ड बनवाने के लिए आवेदन करने केे बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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योजना लाभार्थी
पेंशन 11766
ट्राई साइकिल 125
व्हील चेयर 11
बैसाखी 25
शादी अनुदान 18
खोखा योजना 20
पोलियो सर्जरी 51
दिव्यांग कल्याण समिति के अध्यक्ष कुमोद श्रीवास्तव का कहना है कि दिव्यांगों के साथ सरकारी कार्यालयों में उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जाता है। अधिकांश सरकारी कार्यालयों में दिव्यांगों के लिए रैंप तक नहीं बनाए गए हैं। दिव्यांगों के धरना प्रदर्शन के बाद भी अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। हर बार डीएम के आश्वासन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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प्रभारी विकलांग जन विकास अधिकारी यश वर्मा का कहना है कि दिव्यांग पेंशन में पात्रों को 4.23 करोड़ रुपया, उपकरण में 8.10 लाख, शादी अनुदान में 3.40 लाख और स्व रोजगार में खोखा योजना में दो लाख रुपये का अनुदान दिया है। लाभार्थियों को पात्रता के आधार पर लाभ दिया जा रहा है।