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एक साल में सड़क हादसों में 96 ने गंवाई जान
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:22 PM IST
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मैनपुरी। कोतवाली क्षेत्र में हुए सड़क हादसों में बीते एक वर्ष में करीब 96 लोगों ने जान गंवाई है। जुलाई 2016 से अभी तक हुए हादसों में करीब 154 लोग हादसों में घायल भी हुए हैं। जिनमें से कई दिव्यांग भी हो चुके हैं।
यातायात नियमों की अनदेखी या तेज रफ्तार वाहन चलाने का जुनून जो इस बार 96 जिंदगियों को लील चुका है। एक जुलाई 2016 से 30 जून 2017 तक हुए करीब 201 सड़क हादसों में 96 लोगों की मौत हुई है।
इनमें वाहनों के आमने सामने भिड़ंत की कुल 87 घटनाओं में 43 लोगों की मौत हुई है। वहीं 86 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों की भिड़ंत की करीब 88 घटनाओं में 37 ने जान गंवाई है। वहीं 51 गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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पैदल जा रहे लोगों को वाहन की टक्कर लगने की करीब 22 घटनाओं में 14 की मौत और 12 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा खंभे से टकराने से तीन हादसे हुए हैं। जिसमें दो की मौत और पांच घायल हुए हैं। वहीं करीब 30 से अधिक घटनाएं ऐसी भी हुई हैं जिनमें करीब 30 लोगों की मौत हुई मगर न तो परिवारीजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई न पोस्टमार्टम ही कराया। जिस वजह से वह रिकार्ड में दर्ज नहीं हो सकी हैं।
यातायात नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार वाहन अक्सर हादसे की वजह बनते हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए तमाम अभियान चलाए जाते हैं। अगर जनता नियमों को माने तो हादसों की संख्या कम होने के साथ ही इसमें होने वाली जान की क्षति भी रोकी जा सकती है।
- राजेश एस, सीओ सिटी
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यातायात नियमों की अनदेखी या तेज रफ्तार वाहन चलाने का जुनून जो इस बार 96 जिंदगियों को लील चुका है। एक जुलाई 2016 से 30 जून 2017 तक हुए करीब 201 सड़क हादसों में 96 लोगों की मौत हुई है।
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इनमें वाहनों के आमने सामने भिड़ंत की कुल 87 घटनाओं में 43 लोगों की मौत हुई है। वहीं 86 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों की भिड़ंत की करीब 88 घटनाओं में 37 ने जान गंवाई है। वहीं 51 गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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पैदल जा रहे लोगों को वाहन की टक्कर लगने की करीब 22 घटनाओं में 14 की मौत और 12 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा खंभे से टकराने से तीन हादसे हुए हैं। जिसमें दो की मौत और पांच घायल हुए हैं। वहीं करीब 30 से अधिक घटनाएं ऐसी भी हुई हैं जिनमें करीब 30 लोगों की मौत हुई मगर न तो परिवारीजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई न पोस्टमार्टम ही कराया। जिस वजह से वह रिकार्ड में दर्ज नहीं हो सकी हैं।
यातायात नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार वाहन अक्सर हादसे की वजह बनते हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए तमाम अभियान चलाए जाते हैं। अगर जनता नियमों को माने तो हादसों की संख्या कम होने के साथ ही इसमें होने वाली जान की क्षति भी रोकी जा सकती है।
- राजेश एस, सीओ सिटी