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आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच को भेजा गया दो बंदरों का विसरा
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बंदर
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वृंदावन (मथुरा)। गोविंद बाग क्षेत्र में हुई बंदरों की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने अब पूर्व में मृत पाए गए दो बंदरों के विसरा आगरा स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए हैं। वहीं शुक्रवार को नगर के अटल्ला चुंगी स्थित परमहंस आश्रम के सामने एक और बंदर मृत मिला है, उसके मुंह से खून बह रहा था।
29 अप्रैल को रात मेें गोविंद बाग चौराहे पर तड़पते मिले बंदर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। बंदर रात भर शिकायतकर्ता दीपक पाराशर के घर में पड़ा रहा। 30 अप्रैल को यमुना किनारे पशु चिकित्साधिकारी डा. दीपेंद्र सिंह ने बंदर का पोस्टमार्टम कर उसका विसरा पुलिस को सौंपा था। वहीं, 3 मई की सुबह वार्ड नंबर 65 के प्रताप बाजार स्थित शाहजहांपुर मंदिर के पास ई-रिक्शे में लटके हुए एक बंदर का शव पाया गया था।
पार्षद रसिकबल्लभ नागार्च की सूूचना पर वन विभाग की टीम ने उसे कब्जे में लिया। और डॉक्टरों के पैनल में शामिल पशु चिकित्साधिकारी सेही डा. योगेंद्र सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विजय यादव व पशु चिकित्साधिकारी वृंदावन डा. दीपेंद्र सिंह ने पोस्टमार्टम किया था।
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शुक्रवार को पुलिसकर्मी ब्रजनंदन उक्त बंदरों के विसरा को जांच के लिए आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए गया है। वहीं शुक्रवार को नगर के अटल्ला चुंगी स्थित परमहंस आश्रम के सामने एक और बंदर मृत मिला है, उसके मुंह से खून बह रहा था। उधर, तीन-चार महीने में बंदरों के मरने की संख्या 130 से अधिक हो चुकी है। बंदर का हुआ पोस्टमार्टम गुरुवार को गोविंद बाग में मृत पाए गए बंदर का पोस्टमार्टम सीवीओ के आदेश पर पशु चिकित्साधिकारी डा. दीपेंद्र सिंह ने वन चेतना केंद्र में किया। हालांकि अभी इस बंदर की पीएम रिपोर्ट नहीं आ सकी है। हालांकि प्रथम दृष्टया डॉक्टरों ने बंदरों के मरने की वजह दम घुटना, हीट स्ट्रोक व सामान्य मौत बताई है।
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29 अप्रैल को रात मेें गोविंद बाग चौराहे पर तड़पते मिले बंदर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। बंदर रात भर शिकायतकर्ता दीपक पाराशर के घर में पड़ा रहा। 30 अप्रैल को यमुना किनारे पशु चिकित्साधिकारी डा. दीपेंद्र सिंह ने बंदर का पोस्टमार्टम कर उसका विसरा पुलिस को सौंपा था। वहीं, 3 मई की सुबह वार्ड नंबर 65 के प्रताप बाजार स्थित शाहजहांपुर मंदिर के पास ई-रिक्शे में लटके हुए एक बंदर का शव पाया गया था।
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पार्षद रसिकबल्लभ नागार्च की सूूचना पर वन विभाग की टीम ने उसे कब्जे में लिया। और डॉक्टरों के पैनल में शामिल पशु चिकित्साधिकारी सेही डा. योगेंद्र सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विजय यादव व पशु चिकित्साधिकारी वृंदावन डा. दीपेंद्र सिंह ने पोस्टमार्टम किया था।
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शुक्रवार को पुलिसकर्मी ब्रजनंदन उक्त बंदरों के विसरा को जांच के लिए आगरा की विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए गया है। वहीं शुक्रवार को नगर के अटल्ला चुंगी स्थित परमहंस आश्रम के सामने एक और बंदर मृत मिला है, उसके मुंह से खून बह रहा था। उधर, तीन-चार महीने में बंदरों के मरने की संख्या 130 से अधिक हो चुकी है। बंदर का हुआ पोस्टमार्टम गुरुवार को गोविंद बाग में मृत पाए गए बंदर का पोस्टमार्टम सीवीओ के आदेश पर पशु चिकित्साधिकारी डा. दीपेंद्र सिंह ने वन चेतना केंद्र में किया। हालांकि अभी इस बंदर की पीएम रिपोर्ट नहीं आ सकी है। हालांकि प्रथम दृष्टया डॉक्टरों ने बंदरों के मरने की वजह दम घुटना, हीट स्ट्रोक व सामान्य मौत बताई है।