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चार सौ अधिवक्ता मताधिकार से हो सकते हैं वंचित
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मथुरा। बार एसोसिएशन के चुनाव से पहले मतदाता सूची से 400 से अधिक अधिवक्ताओं के नाम हटने की आशंका के चलते सोमवार को बार की राजनीति गर्मा गई। अधिवक्ता पूजा वर्मा के साथ कई अधिवक्ता भूख हड़ताल पर बैठ गए। मामला गर्माता देख सचिव बार एसोसिएशन ने मौके पर पहुंचकर भूख हड़ताल खत्म कराई।
मथुरा बार एसोसिएशन के चुनाव अब होने जा रहे हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया पिछले कई सालों से उन अधिवक्ताओं का मताधिकार खत्म करने के निर्देश दे रहा है, जिनका पंजीकरण जुलाई 2010 के उपरांत बगैर परीक्षा के हुआ है। इस बार चुनाव से पहले मथुरा बार एसोसिएशन द्वारा 400 से अधिक ऐसे अधिवक्ताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की चर्चा है।
इस पर अधिवक्ता पूजा वर्मा भूख हड़ताल पर बैठ गईं। उनके साथ ही कार्यालय पर भगवान सिंह वर्मा, संजय चतुर्वेदी, मनीष चतुर्वेदी, दिनेश शर्मा, भारत भूषण गौतम, रामगोपाल पटेल आदि अधिवक्ता भी धरना पर बैठ गए।
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उक्त अधिवक्ताओं का कहना था कि पंजीकरण का कार्य बगैर परीक्षा के बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है तो फिर पंजीकरण के बाद उन्हें मतदान से नहीं रोका जाना चाहिए। इस पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष शर्मा फिर सचिव राजकुमार उपाध्याय पहुंच गए।
दोनों ने आश्वासन दिया कि इस संदर्भ में वे बार काउंसिल ऑफ इंडिया से आग्रह करेंगे कि ऐसे अधिवक्ताओं का मताधिकार बरकरार रखें। इस पर पूजा वर्मा ने हड़ताल खत्म की। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष ठाकुर किशन सिंह, सुशील शर्मा, पूर्व सचिव भानु प्रताप सिंह, अजीत तेहरिया आदि मौजूद रहे।
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मथुरा बार एसोसिएशन के चुनाव अब होने जा रहे हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया पिछले कई सालों से उन अधिवक्ताओं का मताधिकार खत्म करने के निर्देश दे रहा है, जिनका पंजीकरण जुलाई 2010 के उपरांत बगैर परीक्षा के हुआ है। इस बार चुनाव से पहले मथुरा बार एसोसिएशन द्वारा 400 से अधिक ऐसे अधिवक्ताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की चर्चा है।
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इस पर अधिवक्ता पूजा वर्मा भूख हड़ताल पर बैठ गईं। उनके साथ ही कार्यालय पर भगवान सिंह वर्मा, संजय चतुर्वेदी, मनीष चतुर्वेदी, दिनेश शर्मा, भारत भूषण गौतम, रामगोपाल पटेल आदि अधिवक्ता भी धरना पर बैठ गए।
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उक्त अधिवक्ताओं का कहना था कि पंजीकरण का कार्य बगैर परीक्षा के बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है तो फिर पंजीकरण के बाद उन्हें मतदान से नहीं रोका जाना चाहिए। इस पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष शर्मा फिर सचिव राजकुमार उपाध्याय पहुंच गए।
दोनों ने आश्वासन दिया कि इस संदर्भ में वे बार काउंसिल ऑफ इंडिया से आग्रह करेंगे कि ऐसे अधिवक्ताओं का मताधिकार बरकरार रखें। इस पर पूजा वर्मा ने हड़ताल खत्म की। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष ठाकुर किशन सिंह, सुशील शर्मा, पूर्व सचिव भानु प्रताप सिंह, अजीत तेहरिया आदि मौजूद रहे।