{"_id":"5c5da7c9bdec22578f2a9454","slug":"101549641673-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रात में खेत से गोवंश को दौड़ा रहा किसान बोरिंग में गिरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रात में खेत से गोवंश को दौड़ा रहा किसान बोरिंग में गिरा
विज्ञापन
डैमो
टैंटीगांव (मथुरा)। गुरुवार की रात में फसलों की रखवाली कर रहा किसान खेत में घुसे गोवंश को भगाते वक्त नलकूप के बोरिंग में गिर गया। पचास फुट बोरिंग में गिरे किसान ने शोर मचाया तो आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान दौड़ पड़े। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से किसान को बाहर निकाला गया। घायल को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
खुला घूम रहा गोवंश इस समय किसानों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना है। काश्तकार रातों को जागकर फसलों की रखवाली कर रहे हैं। पूरी रात खेत पर ही बीत रही है। टैंटीगांव के नगला मौजी निवासी रणवीर सिंह भी खेत की रखवाली करने के लिए गया था।
बताया जाता है कि रात को करीब बारह बजे रणवीर सिंह खेत पर बैठा था। इसी दौरान गेहूं के खेत में गोवंश घुस गया। किसान की निगाह पड़ी तो वह दौड़ाने लगा। दौड़ते वक्त रणवीर नलकूप के बोरिंग में गिर गया। बोरिंग में गिरे किसान ने शोर मचाया तो आसपास खेतों की रखवाली कर रहे लोग पहुंच गए। रात में ही रस्सी की व्यवस्था की गई। लाइट का इंतजाम किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद किसान रणवीर को बोरिंग से बाहर निकाला जा सका।
विज्ञापन
किसान के सिर में चोट लगी थी। घायल किसान को रात में ही अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि किसान रात भर जागकर फसलों की रखवाली करते हैं। मगर प्रशासन फिर भी खुले घूम रहे गोवंश के लिए कोई इंतजाम नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
खुला घूम रहा गोवंश इस समय किसानों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना है। काश्तकार रातों को जागकर फसलों की रखवाली कर रहे हैं। पूरी रात खेत पर ही बीत रही है। टैंटीगांव के नगला मौजी निवासी रणवीर सिंह भी खेत की रखवाली करने के लिए गया था।
विज्ञापन
बताया जाता है कि रात को करीब बारह बजे रणवीर सिंह खेत पर बैठा था। इसी दौरान गेहूं के खेत में गोवंश घुस गया। किसान की निगाह पड़ी तो वह दौड़ाने लगा। दौड़ते वक्त रणवीर नलकूप के बोरिंग में गिर गया। बोरिंग में गिरे किसान ने शोर मचाया तो आसपास खेतों की रखवाली कर रहे लोग पहुंच गए। रात में ही रस्सी की व्यवस्था की गई। लाइट का इंतजाम किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद किसान रणवीर को बोरिंग से बाहर निकाला जा सका।
विज्ञापन
किसान के सिर में चोट लगी थी। घायल किसान को रात में ही अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि किसान रात भर जागकर फसलों की रखवाली करते हैं। मगर प्रशासन फिर भी खुले घूम रहे गोवंश के लिए कोई इंतजाम नहीं कर रहा है।