फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   झपारा में सिंथेटिक दूध के अड्डे पर छापा, हंगामा

झपारा में सिंथेटिक दूध के अड्डे पर छापा, हंगामा

Wed, 28 Nov 2018 11:29 PM IST
Updated Wed, 28 Nov 2018 11:29 PM IST
विज्ञापन
झपारा में सिंथेटिक दूध के अड्डे पर छापा,  हंगामा

विज्ञापन
फिरोजाबाद/जसराना। सफेद दूध का काला कारोबार थम नहीं रहा है। जिले में सिंथेटिक दूध के अड्डे लगातार मिल रहे हैं। बुधवार को जसराना के गांव झपारा में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर सिंथेटिक दूध का कारोबार पकड़ा। यहां से एक हजार लीटर सिंथेटिक दूध बरामद किया है।

मौके से वॉशिंग लिक्विड, रिफाइंड एवं अन्य खतरनाक रसायन पकड़ा गया है। विभाग ने जसराना थाने में विक्रेता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। इस दौरान हंगामे की स्थिति भी बनी।
विज्ञापन


जसराना के गांव झपारा में दुग्ध संग्रह एवं विक्रय केंद्र का संचालन राहुल यादव द्वारा किया जा रहा है। इस दुग्ध संग्रह से पैकेटों में दूध विक्रय करने वाली कंपनियों को सप्लाई की जाती थी। साथ ही कई दूधियों को भी सप्लाई दी जाती थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीएस कुशवाह औचक निरीक्षण के लिए दुग्ध संग्रह केंद्र पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


निरीक्षण के दौरान क्रीम सेपरेटर मशीन के द्वारा दूध से क्रीम फैट निकाली जा रही थी। शेष दूध में मिल्क पाउडर, रिफाइंड सोयाबीन, ईजी लिक्विड़, दूध को गाढ़ा करने के लिए केमिकल और पानी की मिलावट करते हुए दूध पाया गया। मौके पर मौजूद दूध का नमूना जांच के लिए भेजा।

ईजी लिक्विड़ की चार खाली बोतल, सोयाबीन तेल के छह खाली रेपर एवं मिक्सर मशीन को जख्त कर संबंधित थाने में सुपुर्द कर दिया।

मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी बीएस कुशवाह ने बताया कि मौके पर करीब एक हजार लीटर दूध मिला। हमने कार्रवाई की तो एक व्यक्ति ने कार्रवाई न करने का दबाव दवाब बनाते हुए रुपये हमारी गाड़ी में फेंक दिए। दूसरा व्यक्ति आकर धमकाने लगा कि पैसे लिए हैं तो नमूना नहीं लेने देंगे।

कुछ लोगों ने बाइक से हमारा पीछा भी किया। हम किसी भी तरह थाने पहुंचे और विक्रेता के खिलाफ संबंधित थाने में तहरीर दी है। जो गाड़ी में धनराशि फेंकी है, उसे हमने थाने में जमा करा दिया है। यह धनराशि करीब 80 हजार रुपये थी। हमने डीएम को अवगत कराते हुए नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया है।

नकली दूध इतना गाढ़ा था कि शुद्ध दूध से भी बेहतर लगे। दूध पूरी तरह क्रीम की तरह लग रहा था। बिना उबले दूध में भी मलाई ऊपर अलग आ रही थी। खरीदने के बाद दूध को ग्राहक शक नहीं होता था।

पैकेट में दूध बेचने वाली या दूध के बने उत्पादों की बिक्री करनी वाली कुछ कंपनियों पर यह दूध सप्लाई होता था। खाद्य विभाग की टीम ने एक कंपनी को फोन लगाया।



हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. गौरव दीक्षित ने बताया कि कोई भी केमिकल हड्डी पर दुष्प्रभाव डालते हैं। वैसे दूध से हड्डियां मजबूत होती हैं। मगर केमिकल, वाशिंग लिक्विड मिलावट युक्त दूध हड्डियों को कमजोर बना देता है। इसलिए जांच परख कर दूध पीना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed