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फर्जीवाड़ा से वेतन निकालने पर शिक्षका को सेवा समाप्ति का नोटिस
Updated Mon, 26 Nov 2018 11:52 PM IST
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मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग अपनी कारगुजारियों को लेकर हमेशा चर्चा में रहता है। एक बार फिर विभाग ने कुछ ऐसा ही किया है। एक शिक्षिका अवैतनिक अवकाश पर रहते हुए भी लगातार वेतन लेती रही। मामला खुला तो आनन फानन में बीएसए ने शिक्षिका को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय परौंख में सोनिया सिंह सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने नवंबर 2017 से लेकर अप्रैल 2018 तक अवैतनिक अवकाश लिया था। इस दौरान शिक्षिका वेतन भी लेती रही। इतना ही नहीं वह सितंबर से स्कूल नहीं आई। इसके बाद भी सितंबर और अक्तूबर दोनों माह का वेतन उसे जारी किया गया।
सोमवार को जब बीएसए ने विद्यालय का निरीक्षण किया तो मामला सामने आया, जिससे उनके होश उड़ गए। इसके अलावा उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर पता चला कि इसके अलावा भी शिक्षिका ने कई बार चिकित्सकीय अवकाश भी लिया, जिसके लिए उच्चाधिकारियों से कोई अनुमति नहीं ली गई। इतनी बड़ी गड़बड़ी मिलने पर बीएसए ने शिक्षिका को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
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शिक्षिका सोनिया सिंह की नियुक्ति विज्ञान शिक्षक भर्ती में हुई थी। इसके बाद भी शिक्षिका द्वारा कला वर्ग में पढ़ाया जा रहा है। शिक्षिका का कहना है कि वह कला वर्ग की है, ऐसे में ये भी एक बड़ा सवाल सामने आया है। इस पर भी बीएसए ने शिक्षिका कथो नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अवैतनिक अवकाश के दौरान वेतन लेने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग की सवालों के घेरे में है। क्योंकि खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट पर लेखाधिकारी द्वारा वेतन जारी किया जाता है। ऐसे में सवाल ये है कि किसकी संस्तुति पर वेतन जारी किया गया। जांच हुई तो बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भी दायरे में आ सकते हैं।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय परौंख में सोनिया सिंह सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने नवंबर 2017 से लेकर अप्रैल 2018 तक अवैतनिक अवकाश लिया था। इस दौरान शिक्षिका वेतन भी लेती रही। इतना ही नहीं वह सितंबर से स्कूल नहीं आई। इसके बाद भी सितंबर और अक्तूबर दोनों माह का वेतन उसे जारी किया गया।
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सोमवार को जब बीएसए ने विद्यालय का निरीक्षण किया तो मामला सामने आया, जिससे उनके होश उड़ गए। इसके अलावा उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर पता चला कि इसके अलावा भी शिक्षिका ने कई बार चिकित्सकीय अवकाश भी लिया, जिसके लिए उच्चाधिकारियों से कोई अनुमति नहीं ली गई। इतनी बड़ी गड़बड़ी मिलने पर बीएसए ने शिक्षिका को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
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शिक्षिका सोनिया सिंह की नियुक्ति विज्ञान शिक्षक भर्ती में हुई थी। इसके बाद भी शिक्षिका द्वारा कला वर्ग में पढ़ाया जा रहा है। शिक्षिका का कहना है कि वह कला वर्ग की है, ऐसे में ये भी एक बड़ा सवाल सामने आया है। इस पर भी बीएसए ने शिक्षिका कथो नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अवैतनिक अवकाश के दौरान वेतन लेने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग की सवालों के घेरे में है। क्योंकि खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट पर लेखाधिकारी द्वारा वेतन जारी किया जाता है। ऐसे में सवाल ये है कि किसकी संस्तुति पर वेतन जारी किया गया। जांच हुई तो बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भी दायरे में आ सकते हैं।