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वेटरनेरी विवि में बदलेगा स्नातकोतर और पीएचडी पाठ्यक्रम
Updated Sat, 27 Oct 2018 08:28 PM IST
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डैमो
मथुरा। अगले शैक्षिक सत्र से वेटरनेरी विश्वविद्यालयों का स्नातकोत्तर पाठयक्रम बदलने जा रहा है। इस बदलाव के साथ सभी वेटरनेरी विश्वविद्यालयों में एकसमान पाठयक्रम भी प्रभावी हो जाएगा। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा गठित कमेटियों ने काम पूरा कर लिया है।
मथुरा, हिसार, जबलपुर, पालमपुर, लुधियाना, गांधी नगर सहित 13 वेटरनेरी विश्वविद्यालय हैं। इनसे संबद्ध 57 वेटरनेरी कालेज संचालित हैं। आईसीएआर ने इन सभी वेटरनेरी कालेजों में स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रम को बदलने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पहले पाठ्यक्रम में बदलाव 1997 में किया गया था।
21 साल के दौरान पशुचिकित्सा क्षेत्र में आई चुनौतियों को ध्यान रखते हुए पीजी और पीएचडी पाठ्यक्रम में बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए गठित की गई चार कमेटियों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। अगले शैक्षिक सत्र में इसे प्रभावी कर दिया जाएगा। इससे सभी वेटरनेरी विवि में पीएचडी और स्नातकोत्तर का पाठ्यक्रम एकसमान भी हो जाएगा, जो वर्तमान में अलग-अलग है।
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इसके साथ ही आईसीएआर नए शैक्षिक सत्र से पीएचडी और स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के मानक भी बदलने जा रही है। इसके साथ ही सभी विश्वविद्यालयों में आंतरिक मूल्यांकन के बजाए बाह्य मूल्यांकन की व्यवस्था प्रभावी होगी। यूपी वेटरनेरी विवि के कुलपति प्रो.केएमएल पाठक ने बताया कि इस प्रक्रिया में विवि के कई विशेषज्ञ विशेष योगदान दे रहे हैं।
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मथुरा, हिसार, जबलपुर, पालमपुर, लुधियाना, गांधी नगर सहित 13 वेटरनेरी विश्वविद्यालय हैं। इनसे संबद्ध 57 वेटरनेरी कालेज संचालित हैं। आईसीएआर ने इन सभी वेटरनेरी कालेजों में स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रम को बदलने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पहले पाठ्यक्रम में बदलाव 1997 में किया गया था।
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21 साल के दौरान पशुचिकित्सा क्षेत्र में आई चुनौतियों को ध्यान रखते हुए पीजी और पीएचडी पाठ्यक्रम में बदलाव किया जा रहा है। इसके लिए गठित की गई चार कमेटियों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। अगले शैक्षिक सत्र में इसे प्रभावी कर दिया जाएगा। इससे सभी वेटरनेरी विवि में पीएचडी और स्नातकोत्तर का पाठ्यक्रम एकसमान भी हो जाएगा, जो वर्तमान में अलग-अलग है।
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इसके साथ ही आईसीएआर नए शैक्षिक सत्र से पीएचडी और स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के मानक भी बदलने जा रही है। इसके साथ ही सभी विश्वविद्यालयों में आंतरिक मूल्यांकन के बजाए बाह्य मूल्यांकन की व्यवस्था प्रभावी होगी। यूपी वेटरनेरी विवि के कुलपति प्रो.केएमएल पाठक ने बताया कि इस प्रक्रिया में विवि के कई विशेषज्ञ विशेष योगदान दे रहे हैं।