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नगर निगम में टेंडर मैनेज का मामला गरमाया, किया निरस्त
Updated Mon, 07 May 2018 11:37 PM IST
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फिरोजाबाद। नगर निगम के जलकल विभाग में टेंडर मैनेज करने का मामला तूल पकड़ रहा है। मामले में भाजपा नेता आमने-सामने आ गए हैं। रविवार को नगर विधायक मनीष असीजा ने डीएम को पत्र लिख कर टेंडर में पारर्दिशता की मांग की थी। रविवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष जलकल संस्थान पहुंच गए।
जलकल विभाग में 15 लाख के टेंडर मैनेज करने पर भाजपा नेताओं ने अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विरोध और विवाद के बीच टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। जलकल विभाग में लाखों के टेंडर अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से मैनेज होने के मामले को भाजपा नेताओं ने बड़ा मुद्दा बना लिया है। पहले सदर विधायक मनीष असीजा ने डीएम को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने को कहा। सोमवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता ने जलकल विभाग के एक्सईएन एमए हक का घेराव कर लाखों के टेंडर मैनेज करने पर खरीखोटी सुनाईं।
उन्होंने कहा कि सरकार का नियम है कि कोई भी टेंडर एक सर्वाधिक प्रसार वाले अखबार में छपवाना जरूरी है। 26 अप्रैल को टेंडर जारी करने के बाद साइट पर दो मई तक टेंडर अपलोड नहीं किए। इसके लिए आखिर कौन दोषी है। इस पर एक्सईएन जवाब नहीं दे सके। महानगर अध्यक्ष ने कहा कि निगम अफसर जानबूझ कर सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे अफसरों के खिलाफ भाजपा सड़क पर उतरकर पोल खोल कर आंदोलन करेगी। रामनरेश कटारा, महेश पूरन, राकेश शंखवार, सुरेंद्र राठौर, अंकित तिवारी, केशवदेव शंखवार, भूरी सिंह राठौर, कैलाश ओझा मौजूद रहे।
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लाखों रुपये के टेंडर मैनेज करने की मामला सुर्खियों में आने के बाद नगर निगम प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। भाजपा नेताओं ने मामले को तूल दे दिया है। मामले में खुद को घिरता देख निगम प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी है। नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद पूरी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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जलकल विभाग में 15 लाख के टेंडर मैनेज करने पर भाजपा नेताओं ने अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विरोध और विवाद के बीच टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। जलकल विभाग में लाखों के टेंडर अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से मैनेज होने के मामले को भाजपा नेताओं ने बड़ा मुद्दा बना लिया है। पहले सदर विधायक मनीष असीजा ने डीएम को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने को कहा। सोमवार को भाजपा महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता ने जलकल विभाग के एक्सईएन एमए हक का घेराव कर लाखों के टेंडर मैनेज करने पर खरीखोटी सुनाईं।
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उन्होंने कहा कि सरकार का नियम है कि कोई भी टेंडर एक सर्वाधिक प्रसार वाले अखबार में छपवाना जरूरी है। 26 अप्रैल को टेंडर जारी करने के बाद साइट पर दो मई तक टेंडर अपलोड नहीं किए। इसके लिए आखिर कौन दोषी है। इस पर एक्सईएन जवाब नहीं दे सके। महानगर अध्यक्ष ने कहा कि निगम अफसर जानबूझ कर सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे अफसरों के खिलाफ भाजपा सड़क पर उतरकर पोल खोल कर आंदोलन करेगी। रामनरेश कटारा, महेश पूरन, राकेश शंखवार, सुरेंद्र राठौर, अंकित तिवारी, केशवदेव शंखवार, भूरी सिंह राठौर, कैलाश ओझा मौजूद रहे।
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लाखों रुपये के टेंडर मैनेज करने की मामला सुर्खियों में आने के बाद नगर निगम प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। भाजपा नेताओं ने मामले को तूल दे दिया है। मामले में खुद को घिरता देख निगम प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी है। नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद पूरी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी।