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पंचायत भवन बना जय गुरुदेव आश्रम
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:17 PM IST
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एक ओर सरकार एंटी भूमाफिया अभियान चलाकर जमीनों को कब्जा मुक्त करा रही है, वहीं दूसरी ओर पंचायत भवनों में आश्रम और सत्संग हो रहे हैं। शुक्रवार को सकीट ब्लॉक की ग्राम पंचायत थरौली के पंचायत भवन में जय गुरुदेव का आश्रम संचालित मिला। इसके साथ ही पंचायत भवन में जिला परियोजना प्रबंधक को तमाम अनियमितताएं और खामियां मिलीं। परियोजना प्रबंधक ने डीपीआरओ को मामले में रिपोर्ट सौंपी है।
जिला पंचायतराज विभाग के परियोजना प्रबंधक गौरव जैन ने सकीट ब्लॉक की ग्राम पंचायत थरौली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत भवन पर ताला देख हैरानी जताई। जानकारी करने के बाद पता चला कि पंचायत भवन में पूर्व प्रधान द्वारा जय गुरुदेव का आश्रम संचालित होता है। यहां हर सप्ताह सत्संग आयोजित किया जाता है। जबकि पंचायत भवन में आज तक कोई बैठक नहीं हुई। पंचायत भवन में गंदगी के साथ एक कमरे में आश्रम के ही एक व्यक्ति का सामान और आवास मिला। जबकि दूसरे कमरे में घास-फूस मिला। जिला परियोजना प्रबंधक गौरव जैन ने इस पर आपत्ति जताते हुए पंचायत सचिव नवनीत कुमार को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। परियोजना प्रबंधक गौरव जैन मामले को लेकर डीपीआरओ धनंजय जायसवाल को रिपोर्ट सौंपी है। डीपीआरओ ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जाएगी। पंचायत भवन में सरकारी कार्यक्रमों के अलावा कोई कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।
2005 में हुआ था निर्माण
सकीट ब्लॉक की ग्राम पंचायत थरौली में वर्ष 2005 में ऊसर सुधार निगम योजना के तहत पंचायत भवन का निर्माण हुआ था। निर्माण के बाद से आज तक पंचायत भवन को उपयोग में नहीं लाया जा सका।
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एक ओर सरकार एंटी भूमाफिया अभियान चलाकर जमीनों को कब्जा मुक्त करा रही है, वहीं दूसरी ओर पंचायत भवनों में आश्रम और सत्संग हो रहे हैं। शुक्रवार को सकीट ब्लॉक की ग्राम पंचायत थरौली के पंचायत भवन में जय गुरुदेव का आश्रम संचालित मिला। इसके साथ ही पंचायत भवन में जिला परियोजना प्रबंधक को तमाम अनियमितताएं और खामियां मिलीं। परियोजना प्रबंधक ने डीपीआरओ को मामले में रिपोर्ट सौंपी है।
जिला पंचायतराज विभाग के परियोजना प्रबंधक गौरव जैन ने सकीट ब्लॉक की ग्राम पंचायत थरौली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत भवन पर ताला देख हैरानी जताई। जानकारी करने के बाद पता चला कि पंचायत भवन में पूर्व प्रधान द्वारा जय गुरुदेव का आश्रम संचालित होता है। यहां हर सप्ताह सत्संग आयोजित किया जाता है। जबकि पंचायत भवन में आज तक कोई बैठक नहीं हुई। पंचायत भवन में गंदगी के साथ एक कमरे में आश्रम के ही एक व्यक्ति का सामान और आवास मिला। जबकि दूसरे कमरे में घास-फूस मिला। जिला परियोजना प्रबंधक गौरव जैन ने इस पर आपत्ति जताते हुए पंचायत सचिव नवनीत कुमार को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। परियोजना प्रबंधक गौरव जैन मामले को लेकर डीपीआरओ धनंजय जायसवाल को रिपोर्ट सौंपी है। डीपीआरओ ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जाएगी। पंचायत भवन में सरकारी कार्यक्रमों के अलावा कोई कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।
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2005 में हुआ था निर्माण
सकीट ब्लॉक की ग्राम पंचायत थरौली में वर्ष 2005 में ऊसर सुधार निगम योजना के तहत पंचायत भवन का निर्माण हुआ था। निर्माण के बाद से आज तक पंचायत भवन को उपयोग में नहीं लाया जा सका।
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