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तेजी से चल रहा है रिवर फ्रंट का काम
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:57 PM IST
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वृंदावन (मथुरा)। प्राचीन केशीघाट पर शुरू की गई यमुना रिवर फ्रंट योजना में घाट पर शीट पाइलिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
केशीघाट से कालीदह क्षेत्र के 2 किमी के दायरे में विकसित होेने वाली यमुना रिवर फ्रंट योजना में शीट शृंगार वट से कालीदह क्षेत्र स्थित कोसी ड्रेन तक 180 करोड़ की लागत से कार्य होना प्रस्तावित है। योजना के तहत पिछले एक वर्ष से अधिक समय से सिंचाई विभाग की देखरेख में कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के निर्देशन में अजय कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। नदी किनारे बने घाटों यमुना के कटान से बचाने के लिए शीट पाइलिंग का निर्माण किया जा रहा है। इसमें शीट पाइल डालने के बाद अब कार्य में तेजी आई है। कई बड़ी मशीनें और कर्मचारी भी बढ़ाए गए हैं। इसमें कैंप बॉल केकार्य को पूरा होने मे एक माह का समय लग सकता है।
निर्माणदायी संस्था अजय कंस्ट्रक्शन के विजय कुमार ने बताया कि यमुना घाटों को पानी के कटान से बचाने के लिए शीट पाइलिंग के बाद कैंप (आरसीसी से ढलाई) का कार्य किया जा रहा है। करीब चार सौ मीटर में यह कार्य और होना है। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने पर आगे का निर्माण किया जाएगा।
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केशीघाट से कालीदह क्षेत्र के 2 किमी के दायरे में विकसित होेने वाली यमुना रिवर फ्रंट योजना में शीट शृंगार वट से कालीदह क्षेत्र स्थित कोसी ड्रेन तक 180 करोड़ की लागत से कार्य होना प्रस्तावित है। योजना के तहत पिछले एक वर्ष से अधिक समय से सिंचाई विभाग की देखरेख में कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के निर्देशन में अजय कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। नदी किनारे बने घाटों यमुना के कटान से बचाने के लिए शीट पाइलिंग का निर्माण किया जा रहा है। इसमें शीट पाइल डालने के बाद अब कार्य में तेजी आई है। कई बड़ी मशीनें और कर्मचारी भी बढ़ाए गए हैं। इसमें कैंप बॉल केकार्य को पूरा होने मे एक माह का समय लग सकता है।
निर्माणदायी संस्था अजय कंस्ट्रक्शन के विजय कुमार ने बताया कि यमुना घाटों को पानी के कटान से बचाने के लिए शीट पाइलिंग के बाद कैंप (आरसीसी से ढलाई) का कार्य किया जा रहा है। करीब चार सौ मीटर में यह कार्य और होना है। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने पर आगे का निर्माण किया जाएगा।
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