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कृपा विलास आश्रम में स्वामी सत्यानंद को दी भू समाधि
Updated Wed, 29 Nov 2017 08:04 PM IST
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- फोटो : डेमो
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वृृंदावन (मथुरा)। रमणरेती मार्ग स्थित कृपा विलास आश्रम में संत सत्यानंद महाराज को भारतीय परंपरा और वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य भू समाधि दी गई।
विदित रहे कि 102 वर्षीय स्वामी सत्यानंद महाराज का निधन 26 नवंबर की रात हो गया था। आश्रम में अंतिम दर्शनों के लिए स्वामी सत्यानंद महाराज के पार्थिव शरीर को तीन दिन तक रखा गया। बुधवार सुबह सात बजे पंडित विष्णुकांत शास्त्री के आचार्यत्व में और संतों के सान्निध्य में स्वामी जी के पार्थिव शरीर का अभिषेक किया गया। इसके बाद
संतों द्वारा गीता के 18वें अध्याय का पाठ किया। 11 बजे शुरू वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य स्वामी सत्यानंद महाराज को भू-समाधि आश्रम चौक में ही दे दी गई।
स्वामी महेशानंद सरस्वती, स्वामी सुप्रकाशानंद, स्वामी आदित्यानंद, द ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण, महामंडलेश्वर नवलगिरी, महंत फूलडोल बिहारी, महंत वंदन गिरि, स्वामी देवकीनंदन शर्मा, गुरु प्रताप नारायण बेहरा, स्वामी सुरेशानंद, विपिन बिहारी वर्मा, सरन गुप्ता उपस्थित थे।
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विदित रहे कि 102 वर्षीय स्वामी सत्यानंद महाराज का निधन 26 नवंबर की रात हो गया था। आश्रम में अंतिम दर्शनों के लिए स्वामी सत्यानंद महाराज के पार्थिव शरीर को तीन दिन तक रखा गया। बुधवार सुबह सात बजे पंडित विष्णुकांत शास्त्री के आचार्यत्व में और संतों के सान्निध्य में स्वामी जी के पार्थिव शरीर का अभिषेक किया गया। इसके बाद
संतों द्वारा गीता के 18वें अध्याय का पाठ किया। 11 बजे शुरू वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य स्वामी सत्यानंद महाराज को भू-समाधि आश्रम चौक में ही दे दी गई।
स्वामी महेशानंद सरस्वती, स्वामी सुप्रकाशानंद, स्वामी आदित्यानंद, द ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण, महामंडलेश्वर नवलगिरी, महंत फूलडोल बिहारी, महंत वंदन गिरि, स्वामी देवकीनंदन शर्मा, गुरु प्रताप नारायण बेहरा, स्वामी सुरेशानंद, विपिन बिहारी वर्मा, सरन गुप्ता उपस्थित थे।
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