फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   पारिवारिक लाभ योजना को भी भटक रहे पीड़ित परिवार

पारिवारिक लाभ योजना को भी भटक रहे पीड़ित परिवार

Wed, 30 Aug 2017 12:11 AM IST
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
पारिवारिक लाभ योजना को भी भटक रहे पीड़ित परिवार
तहसील में लोगों की समस्याएं सुनते अ‌‌ध‌िकारी - फोटो : amar ujala
मैनपुरी। परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत पर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत आश्रितों को शासन द्वारा दी जाने वाली मदद के लिए भी पीड़ितों को भटकना पड़ रहा है। लोग बार-बार तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


शासन की पारिवारिक लाभ योजना में परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत के बाद मदद पाने के लिए तहसील की रिपोर्ट लगनी जरूरी है। इसी रिपोर्ट के लिए पीड़ितों को आए दिन भटकना पड़ता है। तहसील कर्मी रिपोर्ट लगाने के नाम पर उन्हें सुविधा शुल्क के लिए दौड़ाते रहते हैं।
विज्ञापन


मंगलवार को ही तहसील सदर क्षेत्र के आवेदक रमेशचंद्र, मायादेवी, सुनीता आदि परेशान दिखे। इन लोगों ने बताया कि आनलाइन आवेदन करने के बाद भी रिपोर्ट लगवाने के लिए वे एक महीने से चक्कर काट रहे हैं। रुपया नहीं देने पर उनको लगातार दो दिन बाद आने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। सदर ही नहीं अन्य तहसीलों में भी यही हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एडीएम बी राम ने बताया कि कमाऊ मुखिया की मौत पर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में शासन से पीड़ित परिवार को 30 हजार रुपये की मदद मिलती है। चार साल में जिले के 8209 परिवारों को योजना के तहत 24.62 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है। यह मदद आवेदक द्वारा औपराकिताएं पूरी करने पर मुहैया कराई जाती है। अगर कोई कर्मचारी रुपये मांगता है तो इसकी शिकायत की जा सकती है। जांच के बाद शिकायत सही मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed