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खुशखबर: ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश, बीएड-एमएड को रखा बाहर
Mon, 05 Oct 2026 10:21 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 05 Oct 2026 10:21 AM IST
सार
आंबेडकर विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 में ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए स्वीकृत क्षमता से 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश को मंजूरी दी है। बीपीएड, बीएड और एमएड को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है, जबकि नियम तोड़ने वाले कॉलेजों पर एफआईआर की चेतावनी दी गई है।
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आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के अभ्यर्थियों के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश को मंजूरी दे दी है। कुलपति प्रो.आशु रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में विधि समेत स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में स्वीकृत प्रवेश क्षमता के अतिरिक्त ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि बीपीएड, बीएड और एमएड को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।
विश्वविद्यालय में सीट बढ़ोतरी का मुद्दा पहले से चल रहा है। बैकुंठी देवी महाविद्यालय कॉलेज, आगरा कॉलेज और सेंट जॉन्स कॉलेज, 33 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की लगातार मांग कर रहे हैं। वह सीटें अभी तक विश्वविद्यालय ने नहीं बढ़ाई है। ऐसे में ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों को मंजूरी मिलने से सीटों का मुद्दा एक बार फिर अहम हो गया है।
विश्वविद्यालय की ओर से 26 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि विधि पाठ्यक्रमों में भारतीय विधिज्ञ परिषद की अनुमति और निर्धारित मानकों के अनुसार स्वीकृत प्रवेश क्षमता से 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों पर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा सकेगा। इसके लिए कॉलेज में जरूरी आधारभूत सुविधाएं और योग्य संकाय उपलब्ध होना भी जरूरी होगा।
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दूसरे वर्ग को प्रवेश दिया तो एफआईआर
विश्वविद्यालय ने ईडब्ल्यूएस सीटों को लेकर कॉलेजों को सख्त चेतावनी दी है। कुलपति प्रो. आशु रानी ने कॉलेजों को सिर्फ पात्र ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को ही नियमानुसार प्रवेश देने को कहा है। नियम विरुद्ध अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रवेश देकर अनुचित लाभ देने पर पर संबंधित प्राचार्य और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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विश्वविद्यालय में सीट बढ़ोतरी का मुद्दा पहले से चल रहा है। बैकुंठी देवी महाविद्यालय कॉलेज, आगरा कॉलेज और सेंट जॉन्स कॉलेज, 33 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की लगातार मांग कर रहे हैं। वह सीटें अभी तक विश्वविद्यालय ने नहीं बढ़ाई है। ऐसे में ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों को मंजूरी मिलने से सीटों का मुद्दा एक बार फिर अहम हो गया है।
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विश्वविद्यालय की ओर से 26 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि विधि पाठ्यक्रमों में भारतीय विधिज्ञ परिषद की अनुमति और निर्धारित मानकों के अनुसार स्वीकृत प्रवेश क्षमता से 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटों पर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा सकेगा। इसके लिए कॉलेज में जरूरी आधारभूत सुविधाएं और योग्य संकाय उपलब्ध होना भी जरूरी होगा।
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दूसरे वर्ग को प्रवेश दिया तो एफआईआर
विश्वविद्यालय ने ईडब्ल्यूएस सीटों को लेकर कॉलेजों को सख्त चेतावनी दी है। कुलपति प्रो. आशु रानी ने कॉलेजों को सिर्फ पात्र ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को ही नियमानुसार प्रवेश देने को कहा है। नियम विरुद्ध अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रवेश देकर अनुचित लाभ देने पर पर संबंधित प्राचार्य और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।