फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   A village where the Move-music flows on

एक गांव, जहां कदम-कदम पर बहता है संगीत

Sun, 05 May 2013 01:15 AM IST
मनोज श्रीवास्तव/हरिहरपुर (आजमगढ़)
मनोज श्रीवास्तव/हरिहरपुर (आजमगढ़) Updated Sun, 05 May 2013 01:15 AM IST
विज्ञापन
A village where the Move-music flows on

सधी हुई आवाज में दादरा सुनते पैर ठिठक-से जाते हैं। तबले की थाप भी ध्यान खींचने वाली है। एक बार यह भ्रम होता है कि कहीं रेडियो या टेप तो नहीं बज रहा है। पर नहीं, ये एक गांव है, जहां कदम-कदम पर संगीत बहता है।

विज्ञापन


आजमगढ़ से चार किलोमीटर दूर आम-महुआ के पेड़ों से घिरे हरिहरपुर गांव में संगीत की सुर लहरियां देख थोड़ा अचंभित होता हूं। कानों में फिर ऐसी आवाज पड़ती है कि कदम रोकने ही पड़ते हैं।
विज्ञापन


बगल के एक घर में 16-17 साल का लड़का रजनीश एक भजन गा रहा है, हारमोनियम पर संगत दे रहे हैं उनके पिता वीरेंद्र मिश्र। बाहर चौबारे में खाट पर बैठे बाबा पन्नालाल मिश्र बीच में टोकते हैं, जरा कम खींचो, राग बिगड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


65 साल के पन्नालाल खुद भी सिद्धहस्त सारंगी वादक रहे हैं। दरअसल यह एक-दो घर की कहानी नहीं, बल्कि हरिहरपुर गांव के पूरे मिसराने (मिश्र लोगों का मोहल्ला) का हाल ऐसा ही है।

गांव में करीब 350 परिवार हैं। इनमें मिश्र लोगों के 35-40 परिवार हैं। पौ फटने के साथ इन सभी घरों से सारेगामा की ध्वनि निकलती है। शायद ही कोई घर हो जिसके यहां तबला, हारमोनियम या सारंगी न हो।

खेतों में, कुएं पर और जाडे़ में अलाव किनारे की बतकहियों में संगीत ही केंद्र में होता है। पर अपवाद छोड़ परिवार की लड़कियों को संगीत के लिए न प्रोत्साहित किया जाता है न ही वे सीखती हैं।

इसी 4 से 6 अप्रैल के बीच दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में गांव के छोटे-छोटे बच्चों ने अपना हुनर दिखाया तो बड़े-बड़े लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली थी।


आजमगढ़ के अग्रसेन कन्या इंटर कालेज में संगीत के शिक्षक रहे शंभूनाथ मिश्रा बताते हैं कि गांव में संगीत की परंपरा 600 साल पुरानी है। गांव की माटी और हमारी रगों में संगीत ही है।

न कोई प्रशिक्षण न कोई गुरुपर गांव के बच्चे कम उम्र में ही गाने-बजाने में पारंगत हो जाते हैं। जाने-अनजाने पिता, चाचा, बाबा ही उनके गुरु बन जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed